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लोधा शबर समुदाय ने शिक्षा, रोजगार और मूलभूत अधिकारों की मांग उठाई

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लोधा शबर समुदाय ने शिक्षा, रोजगार और मूलभूत अधिकारों की मांग उठाई


पश्चिम मेदिनीपुर, 05 अगस्त (हि. स.)। विद्यासागर मेमोरियल हॉल में बुधवार को मेदिनीपुर लोधा शबर कल्याण समिति की पहल पर विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) लोधा शबर समुदाय की समस्याओं और अधिकारों को लेकर जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में झाड़ग्राम और पश्चिम मेदिनीपुर के विभिन्न क्षेत्रों से 1200 से अधिक लोधा समुदाय के लोग शामिल हुए।

वक्ताओं ने कहा कि पश्चिम बंगाल में लोधा शबर समुदाय की आबादी एक लाख से अधिक है और यह समुदाय जंगलमहल क्षेत्र के झाड़ग्राम तथा पश्चिम मेदिनीपुर के 23 विकासखंडों में निवास करता है। केंद्र सरकार द्वारा पीवीटीजी समुदायों के लिए प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान तथा धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन अनेक लाभार्थियों तक इन योजनाओं का पूरा लाभ नहीं पहुंच रहा है। शिविर में शिक्षा, रोजगार, छात्रावास, आवास, राशन, सामाजिक सुरक्षा भत्ता, वनाधिकार, भूमि पट्टा तथा आधार और अन्य सर्वेक्षण संबंधी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया।

वक्ताओं ने कहा कि शिक्षित लोधा युवक-युवतियों को रोजगार के अवसर नहीं मिलने से समाज में शिक्षा के प्रति निराशा बढ़ रही है। समुदाय ने शिक्षा और सरकारी सेवाओं में विशेष आरक्षण तथा रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की मांग भी रखी।

कार्यक्रम के दौरान कई महिलाओं ने अपनी समस्याएं साझा कीं। नारायणगढ़ की श्यामोली कोटल ने आवास और वृद्धावस्था भत्ता बंद होने का मुद्दा उठाया, जबकि अन्य महिलाओं ने राशन और सरकारी योजनाओं से वंचित रहने की शिकायत की।

शिविर में विद्यासागर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर केशव चंद्र मंडल, एसोसिएट प्रोफेसर दुली हेम्ब्रम, उच्च न्यायालय के अधिवक्ता शांतनु चक्रवर्ती, शोधकर्ता शांतनु पांडा, सामाजिक कार्यकर्ता झरना आचार्य, कृष्णगोपाल चक्रवर्ती, मणिकंचन राय, सुरजीत नियोगी, ऑल इंडिया एससी-एसटी ऑर्गेनाइजेशन के जिलाध्यक्ष कालू बाउरी, फॉरेस्ट राइट्स ग्राम सभा मोर्चा के अध्यक्ष सुरेंद्रनाथ हांसदा तथा मेदिनीपुर लोधा शबर कल्याण समिति के अध्यक्ष रंचित दास और सचिव बलाई नायक सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता