सुरेंद्रनाथ लॉ कॉलेज में छात्र आंदोलन के बीच उपाध्यक्ष का इस्तीफा, जबरन हस्ताक्षर कराने का आरोप
कोलकाता, 11 सितंबर (हि. स.)। सुरेंद्रनाथ लॉ कॉलेज में छात्रों के लगातार आंदोलन और लंबे घेराव के बीच शुक्रवार को कॉलेज की उपाध्यक्ष मोहम्मदी तरन्नुम ने पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि, कॉलेज से बाहर निकलते ही उन्होंने दावा किया कि उनसे जबरन इस्तीफा पत्र पर हस्ताक्षर कराए गए हैं। उन्होंने पूरे मामले की जांच की मांग करते हुए मुख्यमंत्री और राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री से हस्तक्षेप की अपील की है।
कॉलेज में पिछले बुधवार से छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। विवाद छात्रों की उपस्थिति को लेकर शुरू हुआ। कॉलेज प्रबंधन ने 40 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले छात्रों को इस वर्ष परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं देने का फैसला किया था।
छात्रों का आरोप है कि कॉलेज में नियमित रूप से कक्षाएं आयोजित नहीं की जाती थीं। इस संबंध में छात्रों ने कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति से शिकायत की थी। इसके बाद कॉलेज प्रबंधन ने सुबह करीब 6:30 बजे से कक्षाएं शुरू करने का निर्णय लिया। हालांकि, छात्रों का कहना है कि इतनी सुबह सार्वजनिक परिवहन और मेट्रो सेवाओं की सीमित उपलब्धता के कारण कई विद्यार्थी कक्षाओं में नहीं पहुंच सके।
छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन के पास उनकी उपस्थिति से संबंधित कोई स्पष्ट और पारदर्शी रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। इसी बीच गुरुवार को सेमेस्टर फॉर्म भरने की प्रक्रिया स्थगित किए जाने के बाद विरोध प्रदर्शन और तेज हो गया।
आंदोलनकारी छात्रों ने उपाध्यक्ष मोहम्मदी तरन्नुम का करीब 23 घंटे तक घेराव किया। शुक्रवार को पुलिस की मदद से वह अपने कमरे से बाहर निकल सकीं।
कॉलेज से बाहर आने के बाद तरन्नुम ने आरोप लगाया कि उन्हें लगभग दो दिनों तक कमरे में बंद रखा गया और वहां पानी तथा बिजली की सुविधा भी नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि लंबे घेराव और दबाव के बाद उनसे इस्तीफा पत्र पर हस्ताक्षर कराए गए।
तरन्नुम ने मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि कॉलेज में छात्रों की उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था की भी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके साथ मौजूद अन्य शिक्षकों को कमरे से बाहर निकाल दिया गया था और उन्हें अकेले कमरे में रखा गया। तरन्नुम ने कहा कि यदि शिक्षकों को इस तरह निशाना बनाया जाएगा तो शिक्षा व्यवस्था के सुधार की उम्मीद नहीं की जा सकती।
राजनीतिक आरोपों पर सफाई देते हुए तरन्नुम ने कहा कि वह पहले वाम राजनीति से जुड़ी थीं, लेकिन वर्ष 2016 के बाद उन्होंने सभी प्रकार की राजनीतिक सदस्यता छोड़ दी।
इस बीच, पुलिस ने घटनाक्रम को लेकर अलग पक्ष रखा है। पुलिस के अनुसार, गुरुवार से ही संभावित अशांति को देखते हुए सुरेंद्रनाथ लॉ कॉलेज के बाहर पुलिस बल तैनात था। पुलिस का दावा है कि कॉलेज प्रशासन की ओर से पहले किसी तरह की औपचारिक मदद की मांग नहीं की गई थी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार सुबह उपाध्यक्ष की ओर से ई-मेल के माध्यम से संपर्क किया गया, हालांकि उसमें उन्हें बचाने या बाहर निकालने के लिए विशेष अनुरोध नहीं किया गया था। इसके बावजूद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति पर नजर रखी और उनके स्वास्थ्य परीक्षण की भी व्यवस्था की गई।
उधर, तरन्नुम के कॉलेज छोड़ने के बाद छात्रों के एक वर्ग ने परिसर में धूप जलाकर और गंगाजल छिड़ककर कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण’ किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

