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कुणाल घोष का मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर निशाना साधा

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कुणाल घोष का मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर निशाना साधा


कोलकाता, 25 अगस्त (हि. स.)। तृणमूल कांग्रेस नेता और विधायक कुणाल घोष ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और राज्य सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। पार्क स्ट्रीट के एक परिवार से लेकर ममता बनर्जी को लेकर दिए गए कथित बयान, 20 सांसदों को नोटिस, छात्र राजनीति और भाजपा की अंदरूनी कलह समेत कई मुद्दों पर उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी।

पार्क स्ट्रीट के परिवार के मुद्दे पर कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के जनता दरबार में जाने वाले उस परिवार को पुलिस के जरिए वहां से हटा दिया गया था। उन्होंने कहा कि शनिवार को मंत्री अग्निमित्रा पाल वहां गई थीं और परिवार को जिस तरह धमकाया गया, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपनी इच्छा से गरीब नहीं होता। चुनाव से पहले गरीब बच्चों को गले लगाकर तस्वीरें खिंचवाना और चुनाव के बाद उन्हें दबाव में हटाना उचित नहीं है।

कुणाल घोष ने कहा कि ममता बनर्जी ने रविवार को इस परिवार की जिम्मेदारी लेने की बात कही, जिसके बाद पुलिस के जरिए परिवार को वहां से लाया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि शनिवार, रविवार और सोमवार के बीच मुख्यमंत्री ने खुद जिम्मेदारी क्यों नहीं ली। कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के बयान के बाद ही सरकार की नींद खुली।

उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने सत्ता में रहते हुए भी मानवीय चेहरा दिखाया और सत्ता से बाहर रहने के बावजूद भी लोगों के प्रति संवेदनशीलता दिखाई। कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री खुद मौके पर नहीं गए और ममता बनर्जी की घोषणा के बाद दबाव में पुलिस के जरिए परिवार को हटाया गया। उन्होंने दावा किया कि इससे साबित होता है कि अग्निमित्रा पाल से गलती हुई थी।

ममता बनर्जी को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के कथित बयान पर भी कुणाल घोष ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार के बैनर के पीछे खड़े होकर किसी मौजूदा मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री को सड़क पर निकलने से रोकने की बात करना बेहद गंभीर है। उन्होंने इसे महिला विरोधी टिप्पणी बताते हुए सवाल उठाया कि इस मामले में मानवाधिकार आयोग, महिला आयोग और राष्ट्रपति की ओर से कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई।

कुणाल घोष ने कहा कि ममता बनर्जी की उम्र को लेकर टिप्पणी की जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को चुनौती देते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान मुख्यमंत्री के बीच पैदल चलने और योग की प्रतियोगिता कराई जाए, ताकि पूरी दुनिया देख सके कि कौन कितना फिट है।

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ममता बनर्जी से उम्र में बड़े हैं। इसी संदर्भ में कुणाल घोष ने दावा किया कि शुभेंदु अधिकारी शायद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खेमे से नरेंद्र मोदी को हटाकर अमित शाह को आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। हालांकि, यह कुणाल घोष का राजनीतिक आरोप है।

20 तृणमूल सांसदों को नोटिस के मुद्दे पर कुणाल घोष ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में मामले को लेकर कल्याण बनर्जी ने विस्तार से स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने दावा किया कि कानून तृणमूल कांग्रेस के पक्ष में है। उनका आरोप है कि जिन 20 सांसदों ने तृणमूल के टिकट पर चुनाव जीता और चार तारीख के बाद भाजपा के साथ घूमते नजर आए, उनका कदम कानून और राजनीतिक नैतिकता के खिलाफ है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा