हमले का आरोप लेकर हाई कोर्ट पहुंचे कुणाल घोष, जान का खतरा बता कर मांगी सुरक्षा
कोलकाता, 28 सितंबर (हि. स.)। कोलकाता के बेलेघाटा से तृणमूल कांग्रेस विधायक कुणाल घोष ने लगातार दो दिन अपनी गाड़ी पर हुए जानलेवा हमलों का आरोप लगाने के बाद सोमवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। ममता बनर्जी की पार्टी के विधायक ने अदालत में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि उनकी हत्या की साजिश रची जा रही है। उन्होंने अपनी जान को गंभीर खतरा बताते हुए अदालत से सुरक्षा मुहैया कराने और हमलों के खिलाफ पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है।
सोमवार को कलकत्ता हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ के समक्ष कुणाल घोष के वकील विस्वरूप भट्टाचार्य ने मामले का विशेष उल्लेख करते हुए त्वरित सुनवाई की अपील की। वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं और 48 घंटे के भीतर उन पर दो बार हमला किया गया है, जिससे उनकी जान पर बड़ा संकट मंडरा रहा है। न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने कुणाल घोष को याचिका दाखिल करने की अनुमति तो दे दी, लेकिन त्वरित सुनवाई की मांग को खारिज कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले की सुनवाई आपात स्थिति के तहत नहीं, बल्कि सामान्य नियमों और क्रम के अनुसार ही होगी।
कुणाल घोष का आरोप है कि पहला हमला शनिवार को हुआ जब कुणाल घोष श्रीरामपुर के कोर्ट मैदान में आयोजित ममता बनर्जी की जनसभा में शामिल होने जा रहे थे। रास्ते में उत्तरपाड़ा के निकट अज्ञात उपद्रवियों ने उनकी गाड़ी को निशाना बनाते हुए पत्थर और अंडे फेंके। हमले में गाड़ी के शीशे टूट गए, जिसके कारण वह सभा में नहीं पहुंच सके और टूटी हुई गाड़ी के साथ ही कोलकाता लौट आए। उन्होंने आरोप लगाया कि वह शिकायत दर्ज कराने के लिए राज्य पुलिस मुख्यालय भवानी भवन गए थे, लेकिन वहां उन्हें भीतर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
इसके ठीक अगले दिन, यानी रविवार सुबह, विधायक पर उनके अपने ही विधानसभा क्षेत्र बेलेघाटा में दूसरा हमला हुआ। विधायक ने बताया कि जब वह घर से बाहर निकले तो कुछ हथियारबंद लोग रिवॉल्वर लेकर उनका पीछा कर रहे थे। इसके बाद हथौड़े और पत्थरों से उनकी गाड़ी के आगे और पीछे के शीशों को तोड़ने की कोशिश की गई, जिससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
कुणाल घोष का दावा है कि बाइक सवार उपद्रवियों ने नारकेलडांगा तक उनकी गाड़ी का लगातार पीछा किया और आगे जाकर गाड़ी को जबरन रोक लिया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि विधायक के सुरक्षाकर्मियों को बचाव में अपनी बंदूकें निकालनी पड़ीं। आरोप है कि इस दौरान हमलावरों ने विधायक का कॉलर पकड़ने की भी कोशिश की। विधायक ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया है और स्थानीय पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए अब अदालत से सुरक्षा की गुहार लगाई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / गंगा

