मंत्री डॉ. अजय पोद्दार ने बताया पर्व का पौराणिक महत्व
पश्चिम बर्दवान, 28 अगस्त (हि. स.)। रक्षा बंधन उत्सव के अवसर पर कुल्टी में शुक्रवार को आयोजित एक कार्यक्रम में मंत्री डॉ. अजय पोद्दार ने रक्षा बंधन के पौराणिक इतिहास और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रक्षा बंधन भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के संकल्प का प्रतीक है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. पोद्दार ने रक्षा बंधन की पौराणिक परंपरा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अगर हम आज के दिन को भगवान कृष्ण के युग, यानी द्वापर युग में देखें तो सुभद्रा भगवान कृष्ण को राखी बांधने गई थीं। वहीं भगवान विष्णु के वामन अवतार और राजा बलि से जुड़ी कथा में भी रक्षा बंधन की परंपरा का उल्लेख मिलता है।
उन्होंने रक्षा बंधन पर पढ़े जाने वाले मंत्र “येन बद्धो बलि राजा दानवेंद्रो महाबला” का उल्लेख करते हुए कहा कि यह परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है और भारतीय संस्कृति में इसका विशेष महत्व है।
मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में पहले रक्षा बंधन के अवसर पर छुट्टी नहीं होती थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस पर्व पर छुट्टी घोषित कर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने इसे राज्य की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं के सम्मान की दिशा में बड़ा निर्णय बताया।
उन्होंने कहा कि हम इसी तरह आगे बढ़ेंगे। हम पश्चिम बंगाल की मां-बहनों के लिए लड़ रहे हैं और आगे भी लड़ते रहेंगे। उनकी सुरक्षा के लिए हर आवश्यक व्यवस्था की जाएगी। रक्षा बंधन का सबसे बड़ा संदेश आपसी प्रेम, भाईचारा और एकजुटता है।
उन्होंने कहा कि आज के दिन सभी भाई-बहन एक साथ बैठे हैं, यही सबसे बड़ी बात है। यही इस पर्व की असली भावना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

