कुल्टी विधानसभा सभा सीट तृणमूल कांग्रेस के लिये अहम है -अभिजीत घटक
आसनसोल, 29 मार्च (हि. स.)। कुल्टी विधानसभा क्षेत्र में आगामी चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस की ओर से इस बार कुल्टी सीट के लिए अभिजीत घटक को उम्मीदवार घोषित किया गया है। इसी क्रम में उनके नेतृत्व में नियामतपुर में एक कर्मी सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
इस सम्मेलन में कुल्टी के पूर्व विधायक उज्ज्वल चटर्जी की भी उपस्थिति रही, जिसने कार्यक्रम को और महत्वपूर्ण बना दिया। कार्यक्रम के दौरान तृणमूल नेताओं ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक है और ऐसे समय में पार्टी के हर कार्यकर्ता की जिम्मेदारी बढ़ जाती है।
नेताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि चुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए संगठन की एकजुटता सबसे जरूरी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अपने व्यक्तिगत मतभेदों को भुलाकर पार्टी के हित में काम करें। उनका कहना था कि मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन चुनाव के समय इन मतभेदों को पीछे छोड़कर एकजुट होकर आगे बढ़ना ही समझदारी है।
सम्मेलन में यह भी कहा गया कि कुल्टी विधानसभा सीट इस बार तृणमूल के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसे हर हाल में जीतना पार्टी की प्राथमिकता है। नेताओं ने कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर प्रचार करने, लोगों से संपर्क बढ़ाने और पार्टी की नीतियों व विकास कार्यों को जनता तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
इस दौरान कार्यकर्ताओं में उत्साह भी देखने को मिला। उन्होंने भरोसा जताया कि वे पूरी मेहनत और लगन के साथ चुनाव में जुटेंगे और पार्टी उम्मीदवार को जीत दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
तृणमूल नेताओं ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि कुल्टी की सीट जीतकर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उपहार देना है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक चुनाव नहीं बल्कि पार्टी की प्रतिष्ठा और विकास की निरंतरता का सवाल है।
अंत में नेताओं ने कार्यकर्ताओं से अनुशासन बनाए रखने, आपसी सहयोग बढ़ाने और संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।
इस सम्मेलन के जरिए पार्टी ने साफ संकेत दिया है कि कुल्टी में वह पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतरने जा रही है और जीत के लिए हर स्तर पर तैयारी की जा रही है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

