कुल्टी से 301 बाल कांवरियों का जत्था देवघर रवाना
पश्चिम बर्दवान, 16 अगस्त (हि. स.)। एनज़ं तृणमूल सावन के पावन महीने में आसनसोल के कुल्टी इलाके में रविवार सुबह भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। कुल्टी स्थित ऐतिहासिक सिद्धेश्वरी मंदिर से 301 बाल कांवरियों का जत्था झारखंड के देवघर स्थित विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए जल लेकर रवाना हुआ। इस दौरान ‘बोल बम’ और ‘बाल बम’ के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। बाल कांवरियों के इस जत्थे में छोटी उम्र के बच्चे शामिल रहे, जिन्हें उनके अभिभावकों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में विधिवत रवाना किया गया।
बाल कांवरियों के प्रस्थान कार्यक्रम को लेकर सुबह से ही सिद्धेश्वरी मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। बच्चों के साथ उनके माता-पिता और अभिभावक भी कार्यक्रम में पहुंचे। इसके अलावा इलाके के सैकड़ों लोगों ने भी इस धार्मिक आयोजन में हिस्सा लिया। बच्चों के हाथों में कांवर और भगवान शिव के जयकारों के साथ जत्थे के रवाना होने का दृश्य श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा।
कार्यक्रम का नेतृत्व भाजपा विधायक सह राज्य के मंत्री डॉ. अजय पोद्दार ने किया। उन्होंने बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस आयोजन के पीछे मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी में संस्कार, संस्कृति और धार्मिक परंपराओं के प्रति आस्था पैदा करना है। उन्होंने कहा कि बच्चों को बचपन से ही अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ी भी इन परंपराओं को आगे बढ़ाती रहे।
मंत्री डॉ. अजय पोद्दार ने कहा, बच्चों में संस्कार और संस्कृति प्रदान करना ही इस आयोजन का उद्देश्य है, ताकि यह ‘बोल बम’ हमेशा चलता रहे। हम लोग रहें या न रहें, लेकिन बोल बम का नारा हमेशा चलता रहे और भगवान शिव पर जल चढ़ता रहे—यही इसके पीछे का अभिप्राय और अभिलाषा है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं केवल एक पीढ़ी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
वहीं भाजपा नेता केशव पोद्दार ने भी कार्यक्रम के उद्देश्य को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बच्चों को छोटी उम्र से ही अपनी संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हिंदू संस्कृति की परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए नई पीढ़ी को शुरुआत से ही इसके बारे में जानकारी और संस्कार देना होगा।
इस मौके पर विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष ललन मेहरा समेत कई स्थानीय नेता और सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
सिद्धेश्वरी मंदिर परिसर से जब 301 बाल कांवरियों का जत्था बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना हुआ तो वहां मौजूद लोगों ने भगवान शिव के जयकारे लगाए। अभिभावकों ने बच्चों को शुभकामनाएं दीं और उनकी सुरक्षित यात्रा की कामना की।
आयोजकों का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल धार्मिक यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों को भारतीय संस्कृति, परंपरा और धार्मिक आस्था से जोड़ना भी है। कम उम्र में बच्चों को ऐसे आयोजनों में शामिल करने से उनमें अपनी संस्कृति के प्रति रुचि और जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी।
कुल्टी से देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम तक की इस धार्मिक यात्रा को लेकर बाल कांवरियों और उनके अभिभावकों में खासा उत्साह देखने को मिला। सावन के महीने में भगवान शिव के प्रति आस्था और श्रद्धा के बीच 301 बाल कांवरियों का यह जत्था बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचकर जल अर्पित करेगा।
कुल्टी के सिद्धेश्वरी मंदिर से शुरू हुआ यह धार्मिक आयोजन एक ओर जहां भगवान शिव की भक्ति का संदेश देता नजर आया, वहीं दूसरी ओर आयोजकों ने इसे नई पीढ़ी को संस्कार और संस्कृति से जोड़ने की पहल के रूप में भी पेश किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

