पश्चिम बंगाल स्कूलों के पाठ्यक्रम में सीमित बदलाव
पश्चिम बर्दवान, 14 अगस्त (हि. स.)। स्कूलों के पाठ्यक्रम में बदलाव और संशोधन को अंतिम रूप देने के लिए कोलकाता में तीन दिवसीय आवासीय शिविर आयोजित किया जाएगा। पाठ्यक्रम एवं कैरिकुलम समिति के सदस्यों को इस शिविर में बुलाया गया है। लक्ष्य है कि इसी महीने के तीसरे सप्ताह तक पाठ्यक्रम में बदलाव और संशोधन से संबंधित सभी चर्चाएं पूरी कर ली जाएं।
तीन दिवसीय शिविर में प्रत्येक विषय की पाठ्यपुस्तकों को लेकर अलग-अलग बैठक होगी। किस पुस्तक में किस तरह के बदलाव या संशोधन की जरूरत है, इस पर चर्चा के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। सितंबर में नई पाठ्यपुस्तकों को छपाई के लिए भेजने की योजना है।
फिलहाल पहली से दसवीं कक्षा तक के पाठ्यक्रम में बदलाव किया जाएगा। इसके बाद अगले चरण में ग्यारहवीं और बारहवीं यानी उच्च माध्यमिक स्तर के पाठ्यक्रम पर काम किया जाएगा।
गत चार अगस्त को विधाननगर के विद्यासागर भवन में पाठ्यक्रम समिति की पहली बैठक हुई थी। बैठक में पाठ्यक्रम में संशोधन की समग्र रूपरेखा पर चर्चा की गई। समय की कमी को देखते हुए इस चरण में पाठ्यपुस्तकों में बड़े बदलाव नहीं करने का निर्णय लिया गया है। कुछ शब्दों में बदलाव, सीमित संख्या में अध्यायों को जोड़ना या हटाना तथा आवश्यक संशोधन तक ही इस बार बदलाव सीमित रखने की योजना है। समिति के सदस्यों को इसी आधार पर अपने लिखित प्रस्ताव और सुझाव तैयार कर आवासीय शिविर में शामिल होने को कहा गया है। वहां विषय विशेषज्ञों के साथ अलग-अलग बैठक कर प्रस्तावों को स्वीकार या अस्वीकार करने का अंतिम फैसला लिया जाएगा।
शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, इस चरण में पाठ्यपुस्तकों में 10 प्रतिशत से अधिक बदलाव करने के पक्ष में पाठ्यक्रम समिति नहीं है। इसका कारण यह है कि अगले शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले राज्य के सभी स्कूलों में पर्याप्त संख्या में नई पाठ्यपुस्तकें पहुंचानी होंगी।
अगले वर्ष दो जनवरी से पहले स्कूलों में किताबें पहुंचाने के लिए एक दिसंबर तक नई किताबें तैयार होकर मिलनी जरूरी हैं। इसके लिए 15 सितंबर तक किताबों को छपाई के लिए भेजना होगा। ऐसे में बड़े स्तर पर बदलाव करने के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध नहीं है। व्यापक बदलाव के लिए विस्तृत चर्चा और समीक्षा की आवश्यकता होगी। इसलिए इस बार संशोधन सीमित रखने का फैसला किया गया है। पाठ्यक्रम में बड़े बदलाव की प्रक्रिया 2028 से पहले शुरू होने की संभावना नहीं है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

