कोलकाता के होटल से नाबालिग लड़की बरामद, मानव तस्करी की साजिश का खुलासा
कोलकाता, 27 अगस्त (हि.स.)।
कोलकाता पुलिस ने बुधवार रात दक्षिण कोलकाता के गरफा इलाके के एक होटल से एक नाबालिग लड़की को सकुशल बरामद किया। पुलिस के अनुसार, लड़की को नौकरी दिलाने का झांसा देकर होटल में बुलाया गया था और बाद में एक कमरे में बंद कर दिया गया था। आरोप है कि उसे मानव तस्करी कर जबरन देह व्यापार में धकेलने की योजना थी।
इस मामले में पुलिस ने चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आशीष भारद्वाज, स्वरूप दास, शेख शाहाबुद्दीन और मुजफ्फर हुसैन के रूप में हुई है। पुलिस को संदेह है कि चारों किसी बड़े मानव तस्करी गिरोह से जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल उनसे पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
गुरुवार को पुलिस की ओर से जारी बयान के अनुसार, नाबालिग लड़की हाल ही में कोलकाता के एक बार में गायिका के तौर पर काम करने लगी थी। इसी दौरान आरोपितों की नजर उस पर पड़ी। आरोपियों ने उसे अधिक वेतन पर दक्षिण कोलकाता के गरफा स्थित एक होटल में गायिका की नौकरी दिलाने का लालच दिया।
नौकरी की बात पक्की करने के बहाने लड़की को गरफा के होटल में बुलाया गया। वहां पहुंचने के बाद आरोपितों में से एक उसे होटल के कमरे में ले गया और कथित तौर पर बाहर से कमरा बंद कर दिया। लड़की कई दिनों तक कमरे में बंद रही।
बताया जा रहा है कि होटल के एक कर्मचारी की मदद से लड़की किसी तरह अपने एक रिश्तेदार तक अपनी स्थिति की जानकारी पहुंचाने में सफल हुई। रिश्तेदार ने तुरंत स्थानीय पुलिस से संपर्क किया। सूचना मिलते ही पुलिस ने होटल में छापेमारी कर नाबालिग लड़की को बरामद कर लिया और चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपितों ने लड़की को अगवा करने और उसे जबरन देह व्यापार में धकेलने की मंशा स्वीकार की है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा क्या इसके पीछे कोई बड़ा मानव तस्करी नेटवर्क सक्रिय है।
पुलिस ने यह भी कहा कि समय रहते सूचना मिलने के कारण नाबालिग लड़की को राज्य से बाहर ले जाने से पहले ही बचा लिया गया। मामले की जांच जारी है।
इसके साथ ही पुलिस उस बार के संचालकों से भी पूछताछ करेगी, जहां नाबालिग लड़की पहले गायिका के रूप में काम करती थी। पुलिस यह पता लगाएगी कि नाबालिग को वहां काम पर कैसे रखा गया और इस संबंध में संचालकों की क्या भूमिका थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

