कोलकाता पुलिस ने बांग्लादेशी नागरिक को दबोचा
कोलकाता, 11 जुलाई (हि. स.)। कोलकाता पुलिस ने मेडिकल वीजा के जरिए भारत में प्रवेश कर चोरी के महंगे मोबाइल फोन और लैपटॉप की तस्करी करने वाले एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान ढाका के मामुदपुर निवासी सैयद मोहम्मद सलाहुद्दीन उर्फ 'डॉलर' के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, वह बांग्लादेश में खुद को आयात-निर्यात व्यवसायी बताता था, लेकिन भारत आकर चोरी के इलेक्ट्रॉनिक सामान की खरीद-फरोख्त और उसे बांग्लादेश भेजने के रैकेट का संचालन करता था।
जांच में सामने आया कि आरोपित वैध पासपोर्ट और मेडिकल वीजा के जरिए कई बार भारत आया। हालांकि पुलिस का आरोप है कि उसने हर बार एक बांग्लादेशी डॉक्टर के फर्जी मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर मेडिकल वीजा हासिल किया, जबकि उसे हृदय या किडनी से जुड़ी कोई बीमारी नहीं थी।
भारत आने के बाद वह दक्षिण कोलकाता के हरिदेवपुर इलाके में एक ब्रोकर की मदद से किराये का मकान लेता था और शहर में सक्रिय मोबाइल चोरों तथा चोरी का सामान खरीदने-बेचने वाले गिरोह से संपर्क स्थापित करता था। आरोपित बेहद कम कीमत पर चोरी के आईफोन, अन्य महंगे स्मार्टफोन, लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खरीदकर उन्हें जमा करता और बाद में बांग्लादेश भेज देता था। वहां ढाका में सक्रिय चोरी के इलेक्ट्रॉनिक सामान के नेटवर्क के जरिए इन्हें ऊंची कीमत पर बेचा जाता था।
इस पूरे गिरोह का खुलासा एक मोबाइल स्नैचिंग मामले की जांच के दौरान हुआ। कुछ दिन पहले सेंट्रल एवेन्यू पर एक युवक की जेब से दो मोबाइल फोन, जिनमें एक आईफोन भी शामिल था, चोरी हो गया था। पीड़ित की शिकायत पर बऊबाजार थाने की पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी मोहम्मद अरबाज उर्फ विक्की को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में विक्की ने खुलासा किया कि उसने चोरी के मोबाइल 'डॉलर' नामक व्यक्ति को बेचे थे। इसके बाद कोलकाता पुलिस की जासूसी शाखा ने आरोपित की तलाश शुरू की और न्यू मार्केट इलाके में जाल बिछाया। जैसे ही डॉलर चोरी के मोबाइलों की नई खेप लेने पहुंचा, पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद हरिदेवपुर स्थित उसके किराये के मकान की तलाशी ली गई, जहां से कई मोबाइल फोन बरामद हुए। पुलिस अब आरोपित से पूछताछ कर सीमा पार फैले पूरे तस्करी नेटवर्क, चोरी के सामान की खरीद-बिक्री में शामिल अन्य लोगों और बांग्लादेश तक फैले गिरोह के सदस्यों की पहचान करने में जुटी है। मामले की जांच जारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

