बकाया वेतन और पूजा बोनस की मांग पर अनिश्चितकालीन हड़ताल, हावड़ा के 14 घाटों पर फेरी सेवा बंद
कोलकाता, 14 अक्टूबर (हि. स.)। दो महीने का बकाया वेतन और पूजा बोनस नहीं मिलने से नाराज हुगली नदी जलपथ परिवहन सहकारी समिति के कर्मचारियों ने बुधवार दोपहर से अनिश्चितकालीन कार्यबंदी शुरू कर दी। इसके कारण हावड़ा के करीब 14 घाटों पर फेरी सेवा बंद हो गई। दुर्गापूजा के दौरान घाटों पर हावड़ा और कोलकाता के बीच आवागमन करने वाले यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में फेरी सेवा ठप होने से नौकरीपेशा लोगों के साथ पूजा घूमने के लिए कोलकाता जाने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इससे पहले मंगलवार शाम को हावड़ा रेलवे स्टेशन के निकट स्थित फेरी घाट पर कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया था। कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले दो महीने से उन्हें वेतन नहीं मिला है और दुर्गापूजा का बोनस भी बकाया है। त्योहार के समय वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। इसी के विरोध में उन्होंने अनिश्चितकालीन कार्यबंदी का निर्णय लिया।
कर्मचारियों के अनुसार, हुगली नदी जलपथ परिवहन सहकारी समिति में करीब 250 कर्मचारी कार्यरत हैं। ये कर्मचारी हावड़ा से गोलाबाड़ी, शोभाबाजार, बागबाजार, चांदपाल घाट, आर्मेनियन घाट और प्रिंसेप घाट सहित विभिन्न मार्गों पर नियमित फेरी सेवा संचालित करते हैं। इसके अलावा हावड़ा के बाउड़िया और नूरपुर जलमार्ग पर भी फेरी सेवा चलती है। बुधवार से कर्मचारियों की कार्यबंदी के कारण इन मार्गों पर जल परिवहन प्रभावित हुआ है।
कर्मचारियों का कहना है कि दुर्गापूजा के दौरान समिति के 14 फेरी घाटों पर टिकट बिक्री से लाखों रुपये की आय होती है। इसके बावजूद कर्मचारियों का बकाया वेतन और बोनस नहीं दिया जा रहा है। उनका सवाल है कि जब त्योहार के दौरान घाटों से अच्छी आय होती है, तो कर्मचारियों को उनका बकाया भुगतान क्यों नहीं किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि हुगली नदी जलपथ परिवहन सहकारी समिति में निर्वाचित प्रबंध समिति नहीं होने के कारण फिलहाल हावड़ा जिला सहकारिता विभाग के सहायक निबंधक यानी एआरसीएस प्रशासक के रूप में कामकाज संभाल रहे हैं। मंगलवार को समिति की निर्वाचित प्रबंध समिति के अतिरिक्त प्रभार वाले एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट, राज्य परिवहन विभाग और जिला परिषद को समिति से किराये के रूप में बड़ी राशि मिलनी है। उनका कहना था कि पहले इन बकाया देनदारियों का भुगतान करना जरूरी है, जिसके बाद कर्मचारियों के वेतन का भुगतान किया जाएगा। हालांकि, पूजा बोनस को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ था।
बुधवार को फेरी सेवा बंद होने के बाद समिति के संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। कर्मचारियों की मांगों पर समाधान नहीं निकलने से दुर्गापूजा के दौरान हावड़ा और कोलकाता के बीच जल परिवहन सेवा कब तक बाधित रहेगी, इसे लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

