केएनयू ने मनाई काजी नजरुल इस्लाम की 127वीं जयंती
कोलकाता, 26 मई (हि.स.)।
पश्चिम बर्धमान जिले के जामुड़िया के चुरुलिया इलाके में मंगलवार सुबह विद्रोही कवि काजी नजरुल इस्लाम की 127वीं जयंती के अवसर पर भव्य प्रभात फेरी का आयोजन किया गया। यह प्रभात फेरी कवि के समाधि स्थल से शुरू होकर पूरे क्षेत्र का परिक्रमा करते हुए पुनः समाधि स्थल पर आकर संपन्न हुई।
इस अवसर पर काजी नजरुल इस्लाम विश्वविद्यालय की पहल पर नए अंदाज में 46वें नजरुल मेला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. उदय बंद्योपाध्याय सहित कई प्रोफेसर और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति उदय बंद्योपाध्याय ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस ने एक समय कहा था कि नजरुल इस्लाम ऐसे कवि थे जो कविता लिखते-लिखते जेल चले गए और जरूरत पड़ने पर उन्होंने हथियार भी उठाया। उन्होंने यह भी कहा कि नजरुल इस्लाम ने हर प्रकार की कविता और गीत रचकर बंगाली साहित्य को समृद्ध किया और वे विश्व स्तर के महान कवि हैं।
जन्मजयंती के मौके पर चुरुलिया में दिनभर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों और मेले का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और कवि को श्रद्धांजलि अर्पित की।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

