home page

केएमसी की जांच में निर्माणाधीन बहुमंजिला परियोजनाओं पर बड़ा खुलासा, केवल सात प्रतिशत इमारतों को मिली मंजूरी

 | 
केएमसी की जांच में निर्माणाधीन बहुमंजिला परियोजनाओं पर बड़ा खुलासा, केवल सात प्रतिशत इमारतों को मिली मंजूरी


तारातला गोदाम हादसे के बाद हुई समीक्षा में 160 परियोजनाओं की जांच, 23 इमारतों में गंभीर खामियां मिलने पर निर्माण तत्काल रोकने के निर्देश

कोलकाता, 14 जुलाई (हि.स.)। तारातला में निर्माणाधीन तीन मंजिला गोदाम ढहने की घटना के बाद कोलकाता नगर निगम (केएमसी) द्वारा शुरू की गई व्यापक जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। निगम की उच्चस्तरीय समिति द्वारा जांचे गए 160 निर्माणाधीन बहुमंजिला भवनों में से केवल 11 परियोजनाओं को ही नियमों के अनुरूप पाया गया है। यानी महज 6.87 प्रतिशत परियोजनाओं को ही समिति की मंजूरी मिली है।

केएमसी आयुक्त स्मिता पांडे ने उच्चस्तरीय समिति की रिपोर्ट ली है। मंगलवार सुबह केएमसी के एक उच्च अधिकारी ने बताया कि जांच में सामने आया कि 160 निर्माणाधीन परियोजनाओं का भौतिक निरीक्षण किया गया, जिनमें से केवल 11 इमारतें निर्धारित मानकों पर खरी उतरीं। समिति ने पाया कि बड़ी संख्या में परियोजनाओं में निर्माण संबंधी नियमों का पालन नहीं किया गया।

जांच के दौरान 23 निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारतों में गंभीर अनियमितताएं और लापरवाही सामने आई। इनमें घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग, श्रमिकों की सुरक्षा की अनदेखी तथा भवन निर्माण संहिता और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन शामिल है। आयुक्त स्मिता पांडे ने कहा कि जिस तरह से इन परियोजनाओं में काम किया जा रहा था, उससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

इन खामियों को देखते हुए केएमसी ने संबंधित 23 परियोजनाओं में निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश दिए हैं। इन परियोजनाओं की फाइलें संबंधित डेवलपर और प्रमोटरों को आवश्यक सुधार के लिए वापस भेज दी गई हैं। जब तक सभी कमियां नियमों के अनुसार दूर नहीं कर दी जातीं, तब तक इन स्थलों पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं किया जा सकेगा।

केएमसी के सूत्रों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में शहर में बहुमंजिला इमारतों के निर्माण के लिए कुल 344 आवेदन प्राप्त हुए थे। पहले चरण में 200 निर्माणाधीन परियोजनाओं की पहचान की गई, जिनमें से 160 स्थलों का भौतिक निरीक्षण किया गया। शेष परियोजनाओं की जांच आगे भी जारी रहेगी।

रिपोर्ट के अनुसार, 41 अन्य निर्माणाधीन बहुमंजिला परियोजनाओं की ऑडिट रिपोर्ट तकनीकी उपसमिति को भेजी गई है। उपसमिति की जांच और मंजूरी मिलने के बाद ही इन परियोजनाओं पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।

गौरतलब है कि पिछले महीने तारातला में निर्माणाधीन तीन मंजिला गोदाम ढहने से 16 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद केएमसी ने अपने अधिकार क्षेत्र में चल रही सभी निर्माणाधीन बहुमंजिला परियोजनाओं की समीक्षा का आदेश दिया था, ताकि निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों और स्वीकृति प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर