आठ साल बाद कांग्रेस के कब्जे में खरबा ग्राम पंचायत
मालदा, 25 अगस्त (हि.स.)। कभी कांग्रेस का मजबूत गढ़ माने जाने वाले चांचल-1 ब्लॉक की खरबा ग्राम पंचायत पर आठ साल बाद एक बार फिर कांग्रेस ने कब्जा कर लिया है। मंगलवार को अविश्वास प्रस्ताव के जरिए तृणमूल कांग्रेस की प्रधान रेहाना परवीन और उपप्रधान मलय बसाक को पद से हटा दिया गया।
पंचायत कार्यालय में आयोजित विशेष बैठक में अविश्वास प्रस्ताव पर हुए मतदान में कुल 16-0 वोटों से प्रस्ताव पारित हो गया। 26 सदस्यीय पंचायत में अब तक तृणमूल कांग्रेस के 14, कांग्रेस के दस और माकपा के दो सदस्य थे।कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में तृणमूल कांग्रेस के पांच बागी सदस्यों और माकपा के एक सदस्य ने वोट किया। इस तरह प्रस्ताव के पक्ष में कुल 16 वोट पड़े, जबकि विरोध में एक भी वोट नहीं पड़ा। नतीजे सामने आने के बाद खरबा पंचायत परिसर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जमकर जश्न मनाया। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को अबीर लगाकर बधाई दी।
इस मौके पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हिरण्मय पांडे और चांचल के पूर्व कांग्रेस विधायक आसिफ महबूब सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि खरबा क्षेत्र लंबे समय से पार्टी का ऐतिहासिक गढ़ रहा है। आठ साल बाद पंचायत पर दोबारा नियंत्रण मिलने से पार्टी खेमे में उत्साह है।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार

