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खड़गपुर में सामाजिक समरसता मंच का गौपूजन, ‘गौ से ही गति है’ का दिया संदेश

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खड़गपुर में सामाजिक समरसता मंच का गौपूजन, ‘गौ से ही गति है’ का दिया संदेश


खड़गपुर में सामाजिक समरसता मंच का गौपूजन, ‘गौ से ही गति है’ का दिया संदेश


खड़गपुर में सामाजिक समरसता मंच का गौपूजन, ‘गौ से ही गति है’ का दिया संदेश


खड़गपुर में सामाजिक समरसता मंच का गौपूजन, ‘गौ से ही गति है’ का दिया संदेश


खड़गपुर में सामाजिक समरसता मंच का गौपूजन, ‘गौ से ही गति है’ का दिया संदेश


खड़गपुर, 20 जनवरी (हि. स.)। खड़गपुर के झोली स्थित शंकर मंदिर प्रांगण में सामाजिक समरसता मंच के तत्वावधान में गौपूजन एवं विचार गोष्ठी का आयोजन श्रद्धा एवं आध्यात्मिक वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का नेतृत्व सामाजिक कार्यकर्ता सोन कुमार एवं सामाजिक समरसता मंच के जिला संयोजक अभिमन्यु गुप्ता ने किया। मंगलवार सुबह 11 बजे से ही झोली क्षेत्र के बड़ी संख्या में नागरिक मंदिर प्रांगण में एकत्र होने लगे।

कार्यक्रम का उद्देश्य गौ माता के आध्यात्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्व को जनमानस तक पहूंचाना तथा समाज में समरसता, एकता और सद्भाव की भावना को सुदृढ़ करना रहा। गौपूजन के उपरांत आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने गाय को भारतीय संस्कृति की आधारशिला बताते हुए उसे समाज को जोड़ने वाला जीवंत तत्व बताया।

इस अवसर पर मुख्य वक्ता आईआईटी खड़गपुर के शोधार्थी छात्र अजय चौरसिया की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि गाय केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि वह भारतीय जीवन-दर्शन, पर्यावरण संतुलन और सामाजिक समरसता की आधारशिला है। समाज जब गाय के माध्यम से जुड़ता है, तब संस्कार और संवेदनशीलता स्वतः जागृत होती है।

उनके विचारों को श्रोताओं ने गंभीरता से सुना।

वहीं सोन कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि गौ से ही गति है। गौ, गंगा और गीता ही हमारी संस्कृति की पहचान हैं। इन्हीं मूल्यों से समाज और राष्ट्र की आत्मा सुरक्षित रहती है।

इसके अलावा भुवन अग्रवाल, आयन जाना, हिरणमय सहित अन्य वक्ताओं ने भी गौ माता के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय पक्षों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में महिलाओं एवं नवयुवकों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली, जिससे आयोजन का वातावरण और अधिक जीवंत हो उठा।

सामाजिक समरसता मंच के जिला संयोजक व सह पत्रकार अभिमन्यु गुप्ता ने कहा कि गाय सामाजिक समरसता की जीवंत मिसाल है। आने वाले समय में खड़गपुर के सभी 35 वार्डों में इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित कर समाज को जोड़ने का कार्य किया जाएगा।

कार्यक्रम को सफल बनाने में सतीश कुमार, नितेन प्रसाद, सदानंद कुमार, मुकेश चंद, पिटार सोनकर सहित झोली अखाड़ा के सभी सदस्यों का सराहनीय सहयोग रहा।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता