खड़गपुर नगरपालिका में चेयरपर्सन के खिलाफ 15 पार्षद, अविश्वास प्रस्ताव
खड़गपुर, 09 सितंबर (हि. स.)। खड़गपुर नगरपालिका में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहा असंतोष बुधवार को खुलकर सामने आ गया। तृणमूल कांग्रेस के 15 पार्षदों ने नगरपालिका की चेयरपर्सन कल्याणी घोष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है। पूर्व चेयरपर्सन और ऋतब्रत तृणमूल समर्थक पूर्व चेयरपर्सन प्रदीप सरकार के नेतृत्व में यह प्रस्ताव लाया गया।
बुधवार दोपहर 15 पार्षदों के हस्ताक्षर वाला पत्र प्रदीप सरकार समेत अन्य पार्षदों ने नगरपालिका के कार्यकारी अधिकारी और चेयरपर्सन कल्याणी घोष को सौंपा। हालांकि, अविश्वास प्रस्ताव को लेकर चेयरपर्सन कल्याणी घोष ने मीडिया के सामने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
पूर्व चेयरपर्सन एवं पार्षद प्रदीप सरकार ने आरोप लगाया कि वर्तमान नगरपालिका प्रशासन नागरिकों को जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराने में विफल रहा है। उन्होंने चेयरपर्सन के काम करने के तरीके पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पार्षदों को काम करने में परेशानी हो रही है। पिछले जनवरी से विकास कार्यों के लिए कोई धनराशि आवंटित नहीं हुई है। इससे आम लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि लोगों को देने के लिए नगरपालिका में तिरपाल तक उपलब्ध नहीं है। कई सड़कें जर्जर हैं और विभिन्न इलाकों में जलजमाव की समस्या बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि दुर्गापूजा सामने है, लेकिन पार्षद अपने-अपने क्षेत्रों में जरूरी व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं। चेयरपर्सन के पास समस्या लेकर जाने के बावजूद उसका समाधान नहीं होता। समस्या केवल पार्षदों तक सीमित नहीं है, बल्कि आम लोग भी नगरपालिका की सेवाओं से वंचित हो रहे हैं।
प्रदीप सरकार ने कहा कि इसी कारण 15 पार्षदों ने चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का निर्णय लिया है। उन्होंने सात दिनों के भीतर बोर्ड की बैठक बुलाकर विश्वास मत कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि चेयरपर्सन विश्वास मत हासिल कर लेती हैं तो वह अपने पद पर बनी रहें, अन्यथा नए चेयरपर्सन का चुनाव कराया जाए।
उन्होंने दावा किया कि उनके साथ तृणमूल कांग्रेस के अलावा कांग्रेस और भाजपा के भी कई पार्षद हैं। खड़गपुर के विधायक एवं मंत्री दिलीप दा, सांसद जून मालिया, रेलवे तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान समेत सभी को साथ लेकर शहर के विकास के लिए नए सिरे से काम किया जाएगा।
वहीं, शहर तृणमूल नेताओं ने कहा कि भाजपा, कांग्रेस और माकपा समेत सभी राजनीतिक दलों को इस मुद्दे पर आमंत्रित किया जा रहा है। आगामी नगरपालिका चुनाव को देखते हुए बोर्ड की बैठक में इस विषय पर चर्चा कर निर्णय लिया जाता तो बेहतर होता।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

