टिकट न मिलने पर तृणमूल नेता खगेश्वर राय का बगावती रुख, 48 घंटे का अल्टीमेटम
जलपाईगुड़ी, 18 मार्च (हि. स.)। जिले के राजगंज विधानसभा सीट पर 2026 चुनाव से पहले सियासी घमासान तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता खगेश्वर राय को टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने पार्टी के खिलाफ खुला विद्रोह कर दिया है। मंगलवार को उम्मीदवार सूची से नाम हटने के बाद बुधवार को उन्होंने अपने तेवर और कड़े कर लिए।
खगेश्वर राय ने साफ तौर पर कहा है कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व को 48 घंटे का समय दिया है। यदि इस दौरान उम्मीदवार में बदलाव नहीं किया गया, तो वह अंतिम फैसला लेंगे, जिससे राजनीतिक समीकरण बदल सकते है।
खगेश्वर राय ने अपनी नाराजगी का ठीकरा सीधे चुनावी रणनीतिकार संस्था आईपैक पर फोड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि, आईपैक ने पैसे लेकर मेरा नाम सूची से हटाया है। साथ ही उन्होंने राजगंज से घोषित उम्मीदवार और अर्जुन पुरस्कार विजेता एथलीट स्वप्ना बर्मन पर भी सवाल उठाए।
राय ने कहा कि इलाके के लोग उन्हें नहीं पहचानते और इस सीट पर उनकी हार तय है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पार्टी से टिकट मिलने के भरोसे पर उन्होंने पहले ही चुनाव प्रचार में लाखों रुपये खर्च कर दिए है।
खगेश्वर राय के मुताबिक, उनकी नाराजगी को शांत करने के लिए पार्टी के कई वरिष्ठ नेता उनसे संपर्क कर रहे है। उन्होंने दावा किया कि कूचबिहार और अलीपुरद्वार के कई नेता उनसे बात कर चुके है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जलपाईगुड़ी के जिला प्रशासन के जरिए उन्हें फोन कर शांत रहने का संदेश भिजवाया है। टिकट न मिलने के बाद खगेश्वर राय ने जिला तृणमूल चेयरमैन पद से इस्तीफा देने की घोषणा की थी, लेकिन पार्टी की जिलाध्यक्ष महुआ गोप ने इसे खारिज कर दिया है।
महुआ गोप का कहना है कि अब तक कोई लिखित इस्तीफा नहीं मिला है, इसलिए इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। हालांकि, खगेश्वर समर्थकों के दावों और वास्तविक स्थिति के बीच अंतर से पार्टी के अंदर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार

