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केशपुर विधायक शिउली साहा पर तृणमूल नेता रफिक ने उठाए गंभीर सवाल

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केशपुर विधायक शिउली साहा पर तृणमूल नेता रफिक ने उठाए गंभीर सवाल


पश्चिम मेदिनीपुर, 05 जुलाई (हि. स.)। जिले के केशपुर से विधायक शिउली साहा को उम्मीदवार बनाए जाने के फैसले पर एक बार फिर तृणमूल कांग्रेस के भीतर मतभेद खुलकर सामने आए हैं। रविवार को जिला परिषद में तृणमूल के दल नेता मोहम्मद रफिक ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले ही स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पार्टी नेतृत्व से बाहरी उम्मीदवार के बजाय क्षेत्र के व्यक्ति को टिकट देने की मांग की थी, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई।

रफिक ने कहा कि चुनाव में शिउली साहा 50 हजार से अधिक मतों से जीत गईं, लेकिन बाद की राजनीतिक परिस्थितियों ने साबित कर दिया कि स्थानीय कार्यकर्ताओं की आशंका सही थी। उनका आरोप है कि चुनाव परिणाम आने के कुछ ही घंटों बाद विधायक के कार्यालय से तत्कालीन पार्टी नेतृत्व की तस्वीरें हटा दी गईं और बाद में शिउली साहा ने पार्टी के दूसरे गुट का साथ दे दिया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विधायक बनने के बाद शिउली साहा ने ब्लॉक स्तर के नेताओं और कार्यकर्ताओं से दूरी बना ली। संगठन से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में स्थानीय नेताओं की राय नहीं ली गई, जिससे केशपुर में पार्टी का संगठन कमजोर हो गया।

रफिक का दावा है कि क्षेत्र में तृणमूल के अधिकांश पार्टी कार्यालय अब बंद पड़े हैं और संगठन चलाने के लिए कार्यकर्ताओं की भी कमी हो गई है।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से भी उम्मीदवार चयन में कई गलतियां हुईं, जिनका असर अब संगठन पर दिखाई दे रहा है।

विधायक शिउली साहा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह अनुसूचित जाति समुदाय से आने वाली महिला हैं और मोहम्मद रफिक लगातार उनके खिलाफ टिप्पणियां कर रहे हैं। इस संबंध में उन्होंने पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत दी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता