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उत्तराखंड में हिमस्खलन में लापता आठ लोगों में से दो के शव मिले, बांकुड़ा के पांच युवकों को लेकर बढ़ी चिंता

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उत्तराखंड में हिमस्खलन में लापता आठ लोगों में से दो के शव मिले, बांकुड़ा के पांच युवकों को लेकर बढ़ी चिंता


कोलकाता, 4 नवंबर (हि.स.)। उत्तराखंड के दुर्गम केदारताल क्षेत्र में ट्रेकिंग के दौरान हिमस्खलन की चपेट में आकर लापता हुए आठ लोगों में से एक महिला और एक पुरुष के शव मंगलवार को बरामद किए गए। दोनों शव बर्फ में दबे हुए मिले हैं। मंगलवार रात इसकी सूचना बांंकुड़ा जिला प्रशासन को भी मिली। बुधवार को दोनों शवों की पहचान की जाएगी।

प्रशासन के अनुसार, 29 अक्टूबर को उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में केदारताल झील से नीचे उतरते समय केदार खड़क के पास 12 सदस्यीय पर्वतारोहियों का दल हिमस्खलन की चपेट में आ गया था। इनमें से चार लोग सुरक्षित लौटने में सफल रहे, जबकि बांंकुड़ा के पांच युवक, उत्तर प्रदेश की दो महिला ट्रेकर और एक स्थानीय गाइड समेत आठ लोग लापता हो गए थे।

मंगलवार सुबह करीब 7:30 बजे उत्तराखंड आपदा प्रबंधन बल, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान और अन्य बचाव दलों ने संयुक्त रूप से तलाशी अभियान शुरू किया। उत्तरकाशी के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं ने बताया कि केदार खड़क के पास तलाशी के दौरान दो शव मिले हैं। हालांकि, उनकी पहचान नहीं हो सकी है। बुधवार को फिर से तलाशी अभियान चलाया जाएगा।

लापता आठ लोगों में बांंकुड़ा जिले के पांच मित्र रिंटू मंडल, तापस बाउरी, रतन घोष, उदय घोष और मनोज खवास शामिल हैं। इनमें रिंटू, तापस, रतन और उदय बांंकुड़ा-दो प्रखंड के आंचुड़ी शालबनी गांव के रहने वाले हैं, जबकि मनोज इसी प्रखंड के केशरा गांव का निवासी है।

इन पांचों युवकों की उम्र 23 से 40 वर्ष के बीच है। रिंटू और तापस स्पंज आयरन कारखाने में काम करते हैं। रतन अपने पिता की चाय दुकान में हाथ बंटाते हैं। उदय बड़जोड़ा के एक कारखाने में कार्यरत हैं, जबकि मनोज भवन निर्माण से जुड़े काम करते हैं।

परिजनों के अनुसार, पांचों युवक पहले भी कई बार ट्रेकिंग पर जा चुके थे। सभी 24 अक्टूबर को बांंकुड़ा से रवाना हुए थे। रिंटू के बड़े भाई सिंटू मंडल ने बताया कि 26 अक्टूबर को उनकी भाई से आखिरी बार फोन पर बात हुई थी। उस समय उसने कहा था कि अगले पांच-छह दिनों तक मोबाइल पर संपर्क नहीं हो पाएगा। दो लोगों के शव मिलने की खबर के बाद परिवार की चिंता बढ़ गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनका भाई और उसके सभी साथी सुरक्षित लौट आएंगे।

इस घटना पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी चिंता जताई है। उन्होंने एक्स पर जानकारी दी कि राज्य सरकार उत्तराखंड सरकार के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है। पूरे घटनाक्रम पर नजर रखने और दोनों राज्यों के बीच समन्वय के लिए एडीजी (कानून-व्यवस्था) और बांंकुड़ा के पुलिस अधीक्षक को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मंगलवार को बांंकुड़ा के विधायक नीलाद्रिशेखर दाना और बांंकुड़ा-दो प्रखंड के बीडीओ साहिद अली ने शालबनी गांव पहुंचकर लापता युवकों के परिजनों से मुलाकात की। बांंकुड़ा के जिलाधिकारी अनीश दासगुप्ता ने बताया कि उत्तरकाशी प्रशासन के साथ लगातार संपर्क रखा जा रहा है और तलाशी अभियान की जानकारी ली जा रही है। लापता लोगों की तलाश में उनके परिजनों का सात सदस्यीय दल भी बांंकुड़ा से उत्तरकाशी के लिए रवाना हुआ है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता