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कसबा : संविदा कर्मचारियों को चुनावी ड्यूटी पर लगाने को लेकर विवाद विवाद

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कसबा : संविदा कर्मचारियों को चुनावी ड्यूटी पर लगाने को लेकर विवाद विवाद


दक्षिण 24 परगना, 11 अप्रैल (हि.स.)। दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन के अंतर्गत 149-कसबा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी शुचिता को ताक पर रखने का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि जिला प्रशासन द्वारा एक सोची-समझी रणनीति के तहत लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए संविदा कर्मचारियों (कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ) की अवैध रूप से महत्वपूर्ण चुनावी पदों पर नियुक्ति की गई है। कसबा की निर्वाचन अधिकारी (रिटर्निंग ऑफिसर) पूर्णिमा दे द्वारा 10 अप्रैल 2026 को जारी ज्ञापन संख्या 93/इलेक्शन/149-कसबा/एजीई-26 के माध्यम से किया गया यह कृत्य एक गहरे षड्यंत्र की ओर संकेत करता है। इस आदेश के तहत उन संवेदनशील भूमिकाओं में संविदा कर्मियों को तैनात किया गया है, जो विधिक रूप से केवल स्थायी सरकारी कर्मचारियों के लिए सुरक्षित हैं।

भारत निर्वाचन आयोग के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अनुसार, मतदान जैसे उत्तरदायित्वपूर्ण कार्यों में संविदा कर्मियों का उपयोग वर्जित है क्योंकि उनमें स्थायी सेवा जैसी जवाबदेही और सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती।

चिह्नित किए गए ये सेक्टर सहायक मूल रूप से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आईएसजीपीपी सेल के संविदा कर्मी बताए जा रहे हैं, जो वर्तमान में जिला परिषद में कार्यरत हैं।

मामले में सबसे चौंकाने वाला तथ्य पदनामों के साथ किया गया कथित फेरबदल है। रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा 'सेक्टर सहायक' और 'सहायक सेक्टर अधिकारी' जैसे नए और गैर-मानक पदनामों का सृजन किया गया है, जिनका निर्वाचन आयोग की आधिकारिक शब्दावली में कोई स्थान नहीं है। बताया जाता है कि पूर्व में जारी आदेशों में इन्हीं व्यक्तियों को 'सेक्टर अधिकारी' के रूप में सूचीबद्ध किया गया था, किंतु आपत्ति होने की आशंका के चलते प्रशासनिक स्तर पर चतुराई दिखाते हुए केवल इनके पदनाम बदल दिए गए, जबकि उनकी भूमिका और कार्यक्षेत्र यथावत रखा गया है।

इस गंभीर विसंगति को देखते हुए निर्वाचन आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है। शिकायतकर्ताओं ने उक्त विवादास्पद आदेश पर रोक लगाने और पेशेवर कदाचार एवं पक्षपातपूर्ण आचरण के लिए निर्वाचन अधिकारी को पदमुक्त करने का आग्रह किया है ताकि चुनाव की निष्पक्षता अक्षुण्ण बनी रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता