कामदुनी पीड़िता परिवार को न्याय दिलाने में सहयोग करेगी सरकार : शुभेंदु अधिकारी
कोलकाता, 15 जुलाई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार कामदुनी सामूहिक दुष्कर्म एवं हत्याकांड की पीड़िता के परिवार को उच्चतम न्यायालय में पूरा सहयोग देगी तथा 13 वर्ष पुराने इस मामले में न्याय सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी।
भाजपा कार्यालय में आयोजित 'जनता दरबार' कार्यक्रम में पीड़िता के परिवार से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि मामला वर्तमान में उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है और यह सीधे राज्य सरकार अथवा पुलिस के नियंत्रण में नहीं है।
उन्होंने कहा कि बारासात न्यायालय ने मामले में मृत्युदंड का आदेश दिया था, लेकिन पूर्ववर्ती सरकार ने आरोपितों को राहत दिलाने के उद्देश्य से 16 लोक अभियोजकों का तबादला कर दिया था। पीड़िता का परिवार अब उच्चतम न्यायालय पहुंचा है और राज्य सरकार की ओर से उन्हें हरसंभव विधिक सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्थायी अधिवक्ता को आवश्यक निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं।
उल्लेखनीय है कि सात जून 2013 को उत्तर 24 परगना जिले के कामदुनी क्षेत्र में घर लौट रही एक महाविद्यालय छात्रा को खेत में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। अगले दिन उसका क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था। इस घटना के बाद राज्यभर में व्यापक आक्रोश फैल गया था।
घटना के तीन वर्ष बाद सत्र न्यायालय ने तीन आरोपितों को मृत्युदंड तथा तीन अन्य को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। बाद में कलकत्ता उच्च न्यायालय ने दो दोषियों की मृत्युदंड की सजा को आजीवन कारावास में परिवर्तित कर दिया और एक दोषी को बरी कर दिया था। अन्य दोषियों की सजा में भी कमी की गई थी।
जनता दरबार में पीड़िता के माता-पिता और भाइयों के साथ आंदोलन का प्रमुख चेहरा रहीं टुंपा कयाल और मौसमी कयाल भी उपस्थित थीं। मुलाकात के बाद पीड़िता की मां ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है और पूरे मामले की उन्हें स्पष्ट जानकारी है।
पीड़िता के भाई ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार ने अपराधियों को संरक्षण देने का प्रयास किया, जिससे परिवार को लंबे समय तक पीड़ा झेलनी पड़ी। उन्होंने कहा कि अब उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता दरबार के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों की शिकायतों का समाधान किया गया है। अब तक आयोजित पांच-छह जनता दरबार में प्राप्त लगभग 80 प्रतिशत शिकायतों पर कार्रवाई की जा चुकी है तथा कार्रवाई प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार देखना है, सोचना है की नीति में विश्वास नहीं करती, बल्कि करना है के सिद्धांत पर कार्य करती है।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2021 में नदिया जिले के राणाघाट की एक पीड़ित परिवार से हुई मुलाकात का भी उल्लेख करते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि न्यायालय के निर्देश पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा जांच संभालने से पहले राज्य पुलिस ने मामले को कमजोर करने का प्रयास किया था। उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारी को भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामले को पुनः खोलने का निर्देश देने की बात भी कही।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

