मदन मित्रा के सुर में तृणमूल नेत्री शिउली साहा ने कहा : ममता बनर्जी मेरी नेत्री, सुरक्षा नहीं मिलने का आरोप
कोलकाता, 23 अक्टूबर (हि. स.)। पश्चिम बंगाल में आगामी नगरपालिका चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के बयानों से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। गुरुवार को कमरहट्टी के विधायक मदन मित्रा ने राजनीति से निराशा जताते हुए भावुक होकर अपनी बात रखी थी। शुक्रवार को उसी सुर में केशपुर की विधायक एवं ऋतब्रत गुट की तृणमूल नेता शिउली साहा ने ममता बनर्जी के प्रति अपने सम्मान को स्पष्ट करते हुए शिउली साहा ने कहा कि ममता बनर्जी मेरी नेत्री हैं। मैं उन्हें प्रणाम करती हूं और उनका सम्मान करती हूं, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में उनके सामने जाने जैसी स्थिति नहीं है।
शिउली साहा ने आरोप लगाया कि वह पूरे दुर्गापूजा के दौरान अपने घर से बाहर नहीं निकल सकीं और अपने विधानसभा क्षेत्र तक नहीं जा पाईं। उन्होंने कहा कि इस कारण बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद भी नहीं कर सकीं। उनके मुताबिक, पुलिस अधीक्षक, थाना प्रभारी और बीडीओ समेत प्रशासन के अधिकारियों को सुरक्षा की समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
मदन मित्रा के बयान पर सहमति जताते हुए उन्होंने कहा कि किसी ने अपना वादा नहीं निभाया और यह समस्या केवल उनकी नहीं, बल्कि कई विधायकों की है।
गौरतलब है कि मदन मित्रा ने गुरुवार को राजनीति में बेईमानी और अनैतिकता बढ़ने का आरोप लगाते हुए कहा था कि वह राजनीति से थक चुके हैं। उनके भावुक बयान के एक दिन बाद शिउली साहा की नाराजगी सामने आने से तृणमूल कांग्रेस के भीतर की स्थिति को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

