21 जुलाई गोलीकांड की फाइल दोबारा खोलने सहित छह मांगों को लेकर काकली घोष दस्तिदार ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को लिखा पत्र
कोलकाता, 03 जुलाई (हि. स.)। वर्ष 1993 के 21 जुलाई को धर्मतला में युवा कांग्रेस की रैली के दौरान हुई पुलिस गोलीबारी की घटना में 33 वर्ष बाद भी न्याय नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए सांसद काकली घोष दस्तिदार ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को छह सूत्रीय मांगपत्र भेजा है। हाल ही में एनसीपीआई में शामिल हुईं काकली घोष ने पत्र के माध्यम से मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने अपनी प्रमुख मांगों में 21 जुलाई गोलीकांड की फाइल दोबारा खोलकर निष्पक्ष जांच शुरू करने, तत्कालीन ज्योति बसु सरकार के कार्यकाल में चिह्नित दोषी व्यक्तियों, पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के विरुद्ध उपयुक्त धाराओं में आरोपपत्र दाखिल करने तथा जांच आयोग की मूल रिपोर्ट और निष्कर्षों को सार्वजनिक करने की मांग की है।
काकली घोष ने यह भी कहा है कि जिन अधिकारियों को दोषी पाए जाने के बावजूद बाद में पदोन्नति दी गई, उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू की जाए। आवश्यकता पड़ने पर किसी अंतरराष्ट्रीय संस्था की सहायता लेकर निर्धारित समय सीमा के भीतर फोरेंसिक पुनर्जांच कराई जाए। इसके अलावा चटर्जी आयोग की सिफारिशों के अनुरूप शहीदों और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा तथा पुनर्वास सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।
पत्र के अंत में काकली घोष दस्तिदार ने चेतावनी भरे स्वर में कहा है कि यदि इस बार भी पीड़ितों को न्याय नहीं मिला, तो लोगों के मन में यह धारणा और मजबूत होगी कि तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस सरकार ने ज्योति बसु और वाम मोर्चा शासनकाल के कथित दोषियों को बचाने के लिए समझौता किया था। उन्होंने कहा कि ऐसा होना 21 जुलाई के शहीदों की स्मृति के साथ गंभीर विश्वासघात होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

