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जादवपुर विश्वविद्यालय जांच समिति के अध्यक्ष शुभ शंकर सरकार ने पद छोड़ा

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जादवपुर विश्वविद्यालय जांच समिति के अध्यक्ष शुभ शंकर सरकार ने पद छोड़ा


कोलकाता, 24 अगस्त (हि. स.)। जादवपुर विश्वविद्यालय में हाल में हुई तोड़फोड़ की घटना की जांच के लिए गठित पांच सदस्यीय समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर शुभ शंकर सरकार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने जांच को प्रभावी ढंग से संचालित करने में असमर्थता जताते हुए समिति के अध्यक्ष पद से खुद को अलग कर लिया। विश्वविद्यालय प्रशासन अब समिति के लिए नए अध्यक्ष की नियुक्ति करेगा।

विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलसचिव सलीम बॉक्स मंडल ने सोमवार को बताया कि प्रोफेसर सरकार ने समिति का अध्यक्ष बनने में अपनी असमर्थता से विश्वविद्यालय प्रशासन को अवगत कराया है। जल्द ही नए अध्यक्ष की नियुक्ति की जाएगी। नेताजी सुभाष मुक्त विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर सरकार ने शनिवार को ई-मेल के माध्यम से कुलपति चिरंजीब भट्टाचार्य को अपने निर्णय की जानकारी दी थी।

मीडिया से बातचीत में प्रोफेसर सरकार ने कहा कि नियुक्ति की सूचना पाकर तुरंत बाद उन्होंने कुलपति को अपनी स्थिति बता दी थी। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान घटना के समय विश्वविद्यालय परिसर में मौजूद लोगों से नियमित बातचीत करना जरूरी होगा। फिलहाल वह दिल्ली में हैं।

उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से ऑनलाइन माध्यम से जांच आगे बढ़ाने का सुझाव दिया गया था, लेकिन उनका मानना था कि केवल आभासी माध्यम से ऐसी जांच प्रभावी ढंग से नहीं की जा सकती। इसी कारण उन्होंने अध्यक्ष पद से हटने का निर्णय लिया।

जादवपुर विश्वविद्यालय में 20 अगस्त की तड़के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्यों और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच झड़प हुई थी। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर बाहरी लोगों को परिसर में लाने और तोड़फोड़ करने के आरोप लगाए थे। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने 21 अगस्त को पांच सदस्यीय जांच समिति गठित करने की घोषणा की थी।

इस बीच, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने प्रोफेसर सरकार को समिति का अध्यक्ष बनाए जाने पर सवाल उठाते हुए कुलपति को पत्र लिखा था। संगठन ने जांच की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर चिंता जताते हुए समिति की अध्यक्षता किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश को सौंपने की मांग की थी।

संगठन की जादवपुर विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष भास्कर सरदार ने प्रोफेसर सरकार के इस्तीफे का स्वागत किया।

वहीं, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भी उनकी नियुक्ति पर आपत्ति जताई थी। अब विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने जांच समिति के नए अध्यक्ष की नियुक्ति की चुनौती है। माना जा रहा है कि जल्द ही नए अध्यक्ष के नाम की घोषणा की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता