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जादवपुर में कुलपति गोपाल सेन हत्याकांड की होगी जांच, शुभेंदु बोले- जरूरत पड़ी तो आयोग गठित करेंगे

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जादवपुर में कुलपति गोपाल सेन हत्याकांड की होगी जांच, शुभेंदु बोले- जरूरत पड़ी तो आयोग गठित करेंगे


कोलकाता, 10 सितंबर (हि. स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा में गुरुवार को जादवपुर विश्वविद्यालय के तत्कालीन कुलपति प्रोफेसर गोपाल सेन की हत्या का पुराना मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया।

विधानसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि गोपाल सेन की हत्या के मामले में जरूरत पड़ने पर आयोग गठित किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि नक्सली आंदोलन के दौर में जादवपुर विश्वविद्यालय समेत कई शिक्षण संस्थान हिंसक गतिविधियों से प्रभावित हुए थे। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि नक्सली गतिविधियों की जड़ों को सामने लाया जाए।

बताया जाता है कि 1970 के दशक में नक्सली आंदोलन के दौरान जादवपुर विश्वविद्यालय में परीक्षा बहिष्कार का आह्वान किया गया था। तत्कालीन कुलपति गोपाल सेन ने इसका विरोध किया था। इसके बाद विश्वविद्यालय परिसर में ही धारदार हथियार से उनकी हत्या कर दी गई थी। उस समय इस घटना के पीछे नक्सल समर्थकों के शामिल होने के आरोप लगाए गए थे।

विधानसभा में चर्चा के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने वामपंथी दलों पर निशाना साधते हुए नक्सली आंदोलन से जुड़े पुराने मामलों को सामने लाने की बात कही। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की वास्तविकता सामने आनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में नक्सली नेता किशनजी का भी उल्लेख किया और वामपंथी राजनीति पर तीखा हमला बोला।

मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब विधानसभा में गुरुवार को ‘पश्चिम बंगाल विश्वविद्यालय एवं कॉलेज (प्रशासन और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026’ पारित किया गया। विधेयक पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने वाम दलों पर हमला बोलते हुए जादवपुर विश्वविद्यालय के पुराने घटनाक्रम का मुद्दा उठाया और गोपाल सेन हत्याकांड की जांच की बात कही।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर