प्रख्यात चित्रकार योगेन चौधरी का 87 वर्ष की आयु में निधन, कला जगत में शोक
कोलकाता, 25 अक्टूबर (हि. स.)। प्रख्यात चित्रकार योगेन चौधरी का रविवार को 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से भारतीय कला जगत के साथ ही शांतिनिकेतन में भी शोक की लहर है। विश्वभारती विश्वविद्यालय के कलाभवन के साथ उनका कई दशकों पुराना संबंध रहा। उन्होंने शिक्षक, कलाकार और प्राचार्य के रूप में कलाभवन की कला परंपरा को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कलाकार के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने के साथ ही वह शांतिनिकेतन के पर्यावरण और परंपरा के संरक्षण के पक्ष में भी मुखर रहे।
योगेन चौधरी ने रविवार सुबह 10 बजकर 15 मिनट पर कोलकाता के बाइपास के निकट स्थित एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह पिछले 14 महीनों से दुर्लभ प्रकार के रक्त कैंसर से पीड़ित थे। उपचार के दौरान मूत्र मार्ग में संक्रमण की समस्या के कारण उन्हें कई बार अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।
उनके पार्थिव शरीर को रविवार रात आठ बजे से रवींद्र सदन-नंदन परिसर स्थित गगनेन्द्र प्रदर्शशाला में आम लोगों के अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए रखा गया था।
योगेन चौधरी का जन्म 1939 में अविभाजित बंगाल के फरीदपुर जिले के दहरपाड़ा गांव में हुआ था। उनके पिता प्रमथनाथ चौधरी फरीदपुर के एक जमींदार परिवार के सदस्य थे। योगेन चौधरी को बचपन से ही चित्रकारी में गहरी रुचि थी। उनके पारिवारिक परिवेश में भी कला और चित्रकारी का माहौल था।
उन्होंने 1960 में कोलकाता के गवर्नमेंट आर्ट कॉलेज से अपनी पढ़ाई पूरी की। इसके बाद कला के क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए वह पेरिस गए। हालांकि, उनका कार्यक्षेत्र केवल चित्रकारी तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने 1972 से 1987 तक राष्ट्रपति भवन में क्यूरेटर के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
बाद के वर्षों में उन्होंने शांतिनिकेतन स्थित विश्वभारती विश्वविद्यालय के कलाभवन में अध्यापन किया और संस्थान के प्रमुख का दायित्व भी संभाला। शिक्षक और प्रशासक के रूप में उनके योगदान ने कलाभवन की कला शिक्षा और रचनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
एक विशिष्ट चित्रकार के रूप में पहचान बनाने वाले योगेन चौधरी ने कला के साथ-साथ शांतिनिकेतन की सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण के संरक्षण के लिए भी आवाज उठाई। उनके निधन से भारतीय कला जगत ने एक महत्वपूर्ण कलाकार और कला शिक्षक को खो दिया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

