शुभेंदु अधिकारी ने बलिदानी जतिन्द्रनाथ दास को दी श्रद्धांजलि
कोलकाता, 13 सितंबर (हि. स.)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी बलिदानी जतिन्द्रनाथ दास को उनके बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने समाज माध्यम पर संदेश जारी कर कहा कि जतिन्द्रनाथ दास साहस, वीरता और स्वतंत्रता की आवाज के प्रतीक हैं।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि लाहौर जेल में बंद रहने के दौरान जतिन्द्रनाथ दास ने अन्य क्रांतिकारियों के साथ राजनीतिक कैदियों के साथ किए जा रहे अमानवीय व्यवहार के विरोध में ऐतिहासिक भूख हड़ताल शुरू की थी। यह हड़ताल 63 दिनों तक चली। 13 सितंबर 1929 को भूख हड़ताल के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली और देश की स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जतिन्द्रनाथ दास का आत्मबलिदान भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा। उनकी दृढ़ता और साहस ने स्वतंत्रता सेनानियों को प्रेरणा दी। उन्होंने बलिदानी जतिन्द्रनाथ दास के बलिदान को नमन किया।
जतिन्द्रनाथ दास का जन्म 27 अक्टूबर 1904 को कोलकाता में हुआ था। युवावस्था में ही वे स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ गए थे। बाद में वे भगत सिंह और अन्य क्रांतिकारियों के संपर्क में आए। लाहौर षड्यंत्र मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद उन्होंने जेल में राजनीतिक कैदियों के अधिकारों के लिए भूख हड़ताल की थी। उनके निधन के बाद देशभर में लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी थी।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

