जादवपुर की घटना ‘निंदनीय’, उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चटर्जी ने कहा- विश्वविद्यालय में लौटे सामान्य माहौल
कोलकाता, 25 अगस्त (हि. स.)। जादवपुर विश्वविद्यालय में हालिया अशांति को लेकर राज्य में जारी विवाद के बीच पश्चिम बंगाल के उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चटर्जी ने मंगलवार को प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने जादवपुर विश्वविद्यालय जैसे देश के महत्वपूर्ण उच्च शिक्षा और शोध संस्थान में इस तरह की घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया। उन्होंने छात्रों, शिक्षकों, शोधार्थियों और विश्वविद्यालय से जुड़े सभी लोगों से परिसर में सामान्य और शांतिपूर्ण माहौल बहाल करने की अपील की।
जादवपुर विश्वविद्यालय की मौजूदा स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए उच्च शिक्षा मंत्री ने मंगलवार को कहा कि जादवपुर सिर्फ एक विश्वविद्यालय नहीं, बल्कि भारत में उच्च शिक्षा, शोध और उत्कृष्टता का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग चाहता है कि जादवपुर अपनी पुरानी प्रतिष्ठा को बनाए रखने के साथ भविष्य में उसे और मजबूत करे।
उन्होंने हालिया घटनाओं पर कड़ा संदेश देते हुए कहा कि किसी एक उकसावे के बाद जवाबी उकसावा और फिर उसकी प्रतिक्रिया के रूप में जो परिस्थितियां पैदा हुईं, उनकी वह निंदा करते हैं। उनके अनुसार, इस तरह की घटनाएं किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं।
राजनीतिक विवाद के बीच मंत्री ने विश्वविद्यालय के मूल चरित्र पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी घटना या राजनीतिक टकराव के कारण जादवपुर विश्वविद्यालय का नाम देश या दुनिया के सामने नकारात्मक रूप से नहीं आना चाहिए। जादवपुर की पहचान उसकी शिक्षा, शोध और उत्कृष्टता के लिए होनी चाहिए।
छात्रों, शिक्षकों, शोधार्थियों और विश्वविद्यालय से जुड़े अन्य लोगों से अपील करते हुए जगन्नाथ चटर्जी ने कहा कि यदि जादवपुर को उसकी पहचान के अनुरूप बनाए रखना है तो परिसर में शांति बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा और परंपरा की रक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि खुद को जादवपुर का हिस्सा मानने वाले प्रत्येक व्यक्ति की भी जिम्मेदारी है।
उच्च शिक्षा मंत्री ने जादवपुर के भविष्य को राज्य सरकार की व्यापक योजनाओं से भी जोड़ते हुए कहा कि इस वर्ष के बजट में जादवपुर विश्वविद्यालय को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित करने की जो परिकल्पना की गई है, उसके अनुरूप विश्वविद्यालय को आगे बढ़ना होगा।
उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सबसे पहले विश्वविद्यालय में सामान्य स्थिति बहाल करना आवश्यक है। उनका स्पष्ट संदेश है कि जादवपुर में जल्द सामान्य माहौल लौटना चाहिए और किसी अनावश्यक विवाद या टकराव के कारण विश्वविद्यालय की वास्तविक पहचान और उपलब्धियां दबनी नहीं चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

