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यादवपुर विश्वविद्यालय की अशांति में भाजपा की कोई भूमिका नहीं : शमीक भट्टाचार्य

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यादवपुर विश्वविद्यालय की अशांति में भाजपा की कोई भूमिका नहीं : शमीक भट्टाचार्य


कोलकाता, 20 अगस्त (हि. स.)। यादवपुर विश्वविद्यालय में दो छात्र गुटों के बीच हुए विवाद में भाजपा की कोई भूमिका नहीं है। यह दावा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने गुरुवार को किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस घटना में पार्टी किसी भी तरह से हस्तक्षेप नहीं करेगी। इसके जवाब में एसएफआई ने कहा कि यदि भाजपा को यादवपुर विश्वविद्यालय की इतनी ही चिंता है तो वहां तत्काल छात्रसंघ का चुनाव कराया जाए।

यादवपुर विश्वविद्यालय की अशांति में भाजपा सीधे हस्तक्षेप नहीं करेगी, यह बात शमीक भट्टाचार्य ने स्पष्ट की। उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को भाजपा का छात्र संगठन मानने से भी इनकार किया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि परिसर में यदि कोई संगठन पाशविक शक्ति का प्रदर्शन करता है तो स्थानीय विधायक वहां हस्तक्षेप कर सकते हैं।

गुरुवार सुबह से ही बुधवार रात यादवपुर विश्वविद्यालय में हुई घटना के विरोध में वामपंथी छात्र संगठन एसएफआई के प्रदर्शन और दूसरी ओर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विरोध प्रदर्शन को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में तनाव की स्थिति बनी रही।

परिसर में तोड़फोड़ और राजनीतिक दलों के झंडे जलाने सहित कई आरोप सामने आए।

हालांकि, शमीक भट्टाचार्य ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद भाजपा का छात्र संगठन नहीं है। किसी संगठन का झंडा जलाना भाजपा की संस्कृति नहीं है। परिसर के अंदर एबीवीपी किस तरह राजनीति करेगी, यह उनका विषय है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि विश्वविद्यालय परिसर के अंदर कोई घटना होने पर भाजपा सीधे हस्तक्षेप नहीं करेगी।

हालांकि, उन्होंने वामपंथी छात्र संगठन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि परिसर में कोई पाशविक शक्ति का प्रदर्शन करके खुद को प्रासंगिक बनाने की कोशिश करता है तो मामले को अलग तरीके से देखा जाएगा। शमीक ने कहा कि कोई अगर पाशविक शक्ति का प्रदर्शन करके प्रासंगिक होने की कोशिश करता है तो स्थानीय विधायक निश्चित रूप से वहां जाएंगे।

दूसरी ओर, एसएफआई के अखिल भारतीय महासचिव सृजन भट्टाचार्य ने कहा कि देश की युवा पीढ़ी, जेन जी, कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई करके देश के शिक्षामंत्री को इस्तीफा देने के लिए मजबूर कर चुकी है। इसके बाद भी इतनी भी शर्म नहीं है। इसके बाद भी यह समझ नहीं है कि जबरन इस तरह धक्का-मुक्की करके युवा पीढ़ी से अलग हो रहे हैं। अगर यादवपुर को लेकर इतनी ही चिंता है तो छात्रसंघ का चुनाव कराइए। एसएफआई समझ लेगी।

यादवपुर विश्वविद्यालय में अशांति की शुरुआत एक जीबी बैठक को लेकर हुई। बुधवार रात यादवपुर विधानसभा क्षेत्र की विधायक शरबरी मुखर्जी ने दावा किया कि छात्रसंघ नहीं होने के बावजूद रात में जीबी बैठक की जा रही थी। यादवपुर विश्वविद्यालय परिसर में एसएफआई और अन्य वामपंथी छात्र संगठनों की उस बैठक के विरोध से ही दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ।

इसके जवाब में माकपा नेता तथा अधिवक्ता सायन बनर्जी ने दावा किया कि उच्च न्यायालय के आदेश की गलत व्याख्या की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिस उच्च न्यायालय के मामले की बात कही जा रही है, उस मामले में मैं याचिकाकर्ता और अधिवक्ता हूं। उस मामले में निर्देश था कि पूरे राज्य के सभी यूनियन कक्ष बंद रखे जाएं। वहां किसी जीबी बैठक का उल्लेख नहीं है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता