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जादवपुर विश्वविद्यालय में तोड़फोड़ और आगजनी पर थाने में शिकायत, तीन सदस्यीय जांच समिति गठित

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जादवपुर विश्वविद्यालय में तोड़फोड़ और आगजनी पर थाने में शिकायत, तीन सदस्यीय जांच समिति गठित


कोलकाता, 21 अगस्त (हि.स.)। जादवपुर विश्वविद्यालय परिसर में तोड़फोड़, आगजनी और बाहरी लोगों के प्रवेश के आरोपों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने शुक्रवार को जादवपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिक्षकों के साथ बैठक के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह कदम उठाया। साथ ही, घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित करने का फैसला किया गया है। परिसर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी पुलिस को सौंपी जाएगी।

विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार सलीमबक्स मंडल ने बताया कि कुलपति के निर्देश पर जांच समिति गठित की जा रही है और जादवपुर थाने में लिखित शिकायत दी गई है। सूत्रों के अनुसार, समिति में जादवपुर विश्वविद्यालय से जुड़े किसी वर्तमान प्रतिनिधि को शामिल नहीं किया जाएगा। इसमें किसी पूर्व कुलपति, कोलकाता के किसी अन्य विश्वविद्यालय के वर्तमान कुलपति और एक अन्य विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के निदेशक को शामिल किए जाने की संभावना है।

पुलिस को दी गई शिकायत में विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरोप लगाया है कि 20 अगस्त की रात करीब 12.37 बजे कुछ अज्ञात बाहरी लोग अवैध रूप से परिसर में दाखिल हुए। आरोप है कि कला और विज्ञान भवन के बीच जाने वाली सड़क तथा ऐतिहासिक अरविंद भवन के वाहन बरामदे में झंडे, पोस्टर और अन्य सामान में आग लगाई गई। जलती हुई सामग्री भवन के अंदर भी फेंकने का आरोप है।

शिकायत के मुताबिक, 20 अगस्त को दोपहर करीब दो बजे से परिसर में फिर तोड़फोड़ हुई। कुछ लोगों पर विश्वविद्यालय के प्रतीक चिह्न को नुकसान पहुंचाने, जबरन परिसर में प्रवेश करने की कोशिश, आगजनी, धमकी देने और छात्रावास में जबरन घुसने का प्रयास करने का आरोप लगाया गया है। प्रशासन ने आरोपितों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

शिक्षकों के संगठन ने किया कार्य बहिष्कार का आह्वान इधर, घटनाओं के विरोध में जादवपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने शुक्रवार दोपहर दो से चार बजे तक आधे दिन का कार्य बहिष्कार किया। शिक्षक अरविंद भवन के सामने धरने पर भी बैठे। संघ ने वर्तमान और पूर्व शिक्षकों से भी प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की।

हालांकि, विश्वविद्यालय के प्रतीक चिह्न को नुकसान पहुंचाने के आरोप से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने इनकार किया है। संगठन ने इसके लिए अतिवामपंथी और नक्सल समर्थक तत्वों को जिम्मेदार ठहराया और बंगला विभाग के शिक्षक राज्येश्वर सिंह पर भी आरोप लगाए। संगठन ने कहा कि घटना के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर वह आंदोलन करेगा।

राज्येश्वर सिंह ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि सीसीटीवी फुटेज से पूरी घटना स्पष्ट हो जाएगी। उन्होंने मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। उनके अनुसार, घटना के समय वह परिसर के अंदर थे, जबकि क्षतिग्रस्त प्रतीक चिह्न बाहर की ओर स्थित है।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर