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मातृशक्ति गारंटी कार्ड को लेकर शशि पांजा ने भाजपा पर साधा निशाना

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मातृशक्ति गारंटी कार्ड को लेकर शशि पांजा ने भाजपा पर साधा निशाना


कोलकाता, 15 अप्रैल (हि.स.)। पूरे चुनावी प्रक्रिया में ऐसा लगता है मानो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की किसी भी गलती को भारत निर्वाचन आयोग की नजर में हल्का माना जा रहा है। इसलिए आयोग यह भी नहीं देख पाया कि किस तरह चुनाव की आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी बंगाल आकर महिलाओं के हाथों में पैसे की गारंटी देने वाला कार्ड सौंप रही हैं।

भाजपा के ‘गारंटी कार्ड’ के जरिए आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया है। साथ ही राज्य की मंत्री शशि पांजा ने यह भी सवाल उठाया कि महिलाओं को आर्थिक सहायता देने का भाजपा का यह वादा कितना वास्तविक है और कितना महज़ एक छलावा।

पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने बुधवार को कोलकाता के एक निजी होटल से कुछ महिलाओं के हाथों में एक गारंटी कार्ड सौंपा। इसे ‘मातृशक्ति भरोसा कार्ड’ नाम दिया गया है। इस कार्ड के जरिए महिलाओं के बैंक खाते में तीन-तीन हजार रुपये देने की बात कही गई है और इसे भाजपा की ओर से दिए जाने का दावा किया गया है। राज्य की मंत्री शशि पांजा ने स्पष्ट कहा कि भाजपा की यह गतिविधि सीधे तौर पर चुनाव की आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है।

उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में महिलाओं को तीन हजार रुपये देने का वादा किया था, लेकिन अब स्मृति ईरानी द्वारा जो कार्ड सौंपा जा रहा है, वह सीधे तौर पर आचार संहिता का उल्लंघन करता है।

शशि पांजा ने यह भी कहा कि महिला वोटरों को आकर्षित करने के लिए ‘मातृशक्ति गारंटी कार्ड’ के माध्यम से पैसे देने का भाजपा का वादा पूरी तरह भ्रामक है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दिल्ली में भी महिलाओं के खाते में ढाई हजार रुपये देने का वादा भाजपा ने किया था, लेकिन सरकार बनने के बाद वहां की महिलाओं को वह राशि नहीं मिली। वहीं, बिहार चुनाव से पहले महिलाओं को एकमुश्त 10 हजार रुपये देने का वादा किया गया था। चुनाव समाप्त होने के बाद बिहार की भाजपा सरकार अब उस पैसे को वापस मांग रही है।

महिलाओं की सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता को लेकर भाजपा के दावों पर भी शशि पांजा ने सवाल उठाते हुए कहा कहा कि पूर्व मंत्री स्मृति ईरानी के जरिए जो सुरक्षा का दावा किया जा रहा है, उसकी हकीकत भी सामने आनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंत्रिपरिषद के 71 मंत्रियों में से 28 के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से 19 पर महिलाओं से जुड़े अपराधों के आरोप हैं।

उन्होंने आगे कहा कि जिन ‘डबल इंजन’ राज्यों के मुख्यमंत्री बंगाल में आकर प्रचार कर रहे हैं, वे राज्य महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में शीर्ष पर हैं। इसके बावजूद भाजपा किस तरह बंगाल की महिलाओं को भ्रमित करने के लिए झूठा प्रचार कर रही है, यह भी आज स्पष्ट हो गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता