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भारत-बांग्लादेश सीमा पर लौटी रौनक, पर्यटन वीजा शुरू होते ही बांग्लादेशी पर्यटकों की उमड़ी भीड़

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भारत-बांग्लादेश सीमा पर लौटी रौनक, पर्यटन वीजा शुरू होते ही बांग्लादेशी पर्यटकों की उमड़ी भीड़


कूचबिहार, 16 अक्टूबर (हि. स.)। भारत-बांग्लादेश पर्यटन वीजा सेवा फिर से सामान्य होने के बाद चेंगराबांधा अंतरराष्ट्रीय इमिग्रेशन केंद्र पर शुक्रवार को रौनक लौट आई है। वर्ष 2024 में बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल और आंतरिक अशांति के कारण प्रभावित हुई पर्यटकों की आवाजाही अब 2026 में वीजा सेवा दोबारा शुरू होने के साथ गति पकड़ने लगी है।

दुर्गापूजा से लेकर दीपावली तक त्योहारों की छुट्टियां बिताने और पहाड़ों व जंगलों की सैर करने के लिए बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक भारत पहुंच रहे हैं। इससे सीमावर्ती क्षेत्र के होटल व्यवसायियों, मुद्रा विनिमय कारोबारियों और वाहन चालकों को भी राहत मिली है।

वीजा सेवा बंद रहने के कारण सिलीगुड़ी, दार्जिलिंग और गंगटोक जाने वाले बांग्लादेशी पर्यटकों की आवाजाही लगभग ठप हो गई थी। अब स्थिति सामान्य होने से पर्यटकों में उत्साह है।

बांग्लादेश के निवासी जाफरुल इस्लाम ने बताया कि वीजा बंद होने के कारण वह लंबे समय से भारत नहीं आ सके थे। इस बार दुर्गापूजा की छुट्टियां बिताने के लिए वह सिलीगुड़ी होते हुए गंगटोक जा रहे हैं।

वहीं, गाजीपुर निवासी संजय सूत्रधर फालाकाटा में अपने रिश्तेदारों से मिलने जा रहे हैं, जबकि रंगपुर निवासी मिथुन राय अपने परिवार के साथ सिलीगुड़ी और पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा की योजना बना रहे हैं।

लालमोनिरहाट की विभारानी राय ने कहा कि अब तक वह टेलीविजन पर कोलकाता की दुर्गापूजा देखती थी, लेकिन इस बार प्रत्यक्ष रूप से पूजा देखने का अनुभव अलग होगा। वीजा बंद रहने के दौरान चेंगराबांधा के स्थानीय कारोबार को भारी नुकसान हुआ था। मुद्रा विनिमय व्यवसायी टोटोन गुहा और होटल कारोबारी बापी घोष के मुताबिक, पर्यटकों की कमी के कारण कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ और कुछ होटलों को बंद तक करना पड़ा।

स्थानीय वाहन चालक शंभु बर्मन ने बताया कि पहले जहां 70 से अधिक छोटी गाड़ियां पर्यटकों को लाने-ले जाने का काम करती थी, वहीं उनकी संख्या घटकर करीब 30 रह गई थी। कई चालकों को वाहन की किस्त चुकाने में परेशानी हुई और कुछ को अपना पेशा बदलना पड़ा। अब पर्यटकों की संख्या बढ़ने से होटल बुकिंग और वाहन कारोबार में सुधार हो रहा है। सीमा पर आवाजाही सामान्य होने से चेंगराबांधा के पर्यटन आधारित कारोबार में फिर से उम्मीद जगी है।

हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार