अवैध पार्किंग और सड़क अतिक्रमण पर बंगाल सरकार सख्त
कोलकाता, 01 सितंबर (हि. स.)। पश्चिम बंगाल सरकार सार्वजनिक सड़कों पर अवैध पार्किंग और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई तेज करने जा रही है। राज्य की शहरी विकास एवं नगर मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पाल ने मंगलवार को कहा कि यातायात और पार्किंग नियमों के उल्लंघन की पहचान के लिए सरकार एआइ आधारित सीसीटीवी कैमरों और वाहनों के उपलब्ध डाटा का इस्तेमाल करने की योजना बना रही है।
मंत्री ने बताया कि परिवहन विभाग के पास उपलब्ध वाहनों की जानकारी को प्रवर्तन व्यवस्था के साथ जोड़ा जा सकता है, जिससे नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की आसानी से पहचान की जा सकेगी। नागरिक भी अवैध पार्किंग और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े उल्लंघनों की शिकायत सीधे अधिकारियों तक पहुंचा सकते हैं। इसके लिए “मुखोमुखी” मंच के माध्यम से लोगों को शहरी विकास एवं नगर मामलों की मंत्री तक सीधे अपनी शिकायत पहुंचाने की सुविधा उपलब्ध है।
अग्निमित्रा पाल ने अधिकृत पार्किंग स्थलों की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए एक ऐप आधारित व्यवस्था शुरू करने की योजना के बारे में भी जानकारी दी। साथ ही सार्वजनिक सड़कों पर पार्किंग व्यवस्था को अधिक अनुशासित और पारदर्शी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। राज्य सरकार ने मंगलवार से रात के समय पार्किंग शुल्क भी शुरू कर दिया है। यह कदम सार्वजनिक सड़कों और फुटपाथों के उपयोग में अधिक अनुशासन लाने के व्यापक अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि अवैध पार्किंग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़क को कोई भी व्यक्ति अपनी निजी संपत्ति नहीं समझ सकता। जहां पार्किंग के लिए निर्धारित स्थान है, वहीं वाहन खड़े करने होंगे।
प्रस्तावित पार्किंग ऐप के बारे में मंत्री ने कहा कि इसके माध्यम से वाहन चालक अपना वाहन खड़ा करने से पहले ही अधिकृत पार्किंग स्थलों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इससे व्यस्त सड़कों पर कहीं भी मनमाने तरीके से वाहन खड़े करने की प्रवृत्ति को कम करने में मदद मिलेगी। सरकार का उद्देश्य पार्किंग व्यवस्था को संगठित और पारदर्शी बनाना है, ताकि लोगों को पहले से पता हो कि वे कहां वाहन खड़ा कर सकते हैं और उन्हें इसके लिए कितना शुल्क देना होगा।
सरकार फिलहाल उपलब्ध पार्किंग स्थलों का सर्वे और मैपिंग कर रही है। पुलिस आयुक्तों और विभिन्न शहरी स्थानीय निकायों को भी उपयुक्त पार्किंगस्थलों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें ऐसे स्थान भी शामिल हैं, जिनका उपयोग रात के समय पार्किंग के लिए किया जा सकता है।
इस अभियान में कोलकाता नगर निगम, बिधाननगर नगर निगम और अन्य शहरी निकाय शामिल हैं। पार्किंग और नो-पार्किंग क्षेत्रों को सड़क पर स्पष्ट निशान और रिफ्लेक्टर के माध्यम से चिन्हित किया जाएगा। निर्धारित पार्किंग क्षेत्रों की निगरानी के लिए पार्किंग अटेंडेंट तैनात किए जाएंगे, जो नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करेंगे।
मंत्री ने कहा कि पार्किंग अटेंडेंट यह सुनिश्चित करेंगे कि वाहन अवैध रूप से खड़े न हों। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाया जाएगा। सड़कों पर यात्रियों का इंतजार करने वाले ऐप कैब और अन्य व्यावसायिक वाहनों की बढ़ती समस्या पर भी चिंता जताई। कई स्थानों पर ट्रक, मिनी ट्रक और ऐप आधारित टैक्सी लंबे समय तक सड़क पर खड़े रहते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है।
उन्होंने कहा कि साल्ट लेक और राजाबाजार जैसे कुछ इलाकों में बड़ी संख्या में वाहन सड़क का काफी हिस्सा घेर लेते हैं। ऐप कैब और अन्य व्यावसायिक वाहन सड़कों को स्थायी पार्किंग स्थल के रूप में इस्तेमाल नहीं कर सकते। साथ ही, गैराज संचालकों को भी सार्वजनिक सड़कों को अपने निजी वाहनों की पार्किंग के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

