बांग्लादेशी नागरिक होने के संदेह में व्यक्ति की हिरासत पर तृणमूल ने पुलिस महानिदेशक से हस्तक्षेप की मांग की
कोलकाता, 02 सितंबर (हि. स.)। उत्तर दिनाजपुर जिले में एक 66 वर्षीय व्यक्ति को बांग्लादेशी नागरिक होने के संदेह में हिरासत में लिए जाने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। विपक्षी तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद समीरुल इस्लाम ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक सिद्धनाथ गुप्ता से मामले में हस्तक्षेप की मांग की।
समीरुल इस्लाम ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि भारतीय नागरिकों को बांग्लादेशी नागरिक होने के संदेह में परेशान किया जा रहा है। उन्होंने जलिल अख्तर के मामले की जांच कर उनके नागरिकता संबंधी दस्तावेजों की उचित तरीके से जांच करने की मांग की।
परिवार के मुताबिक, उत्तर दिनाजपुर के बाजारगांव-2 पंचायत अंतर्गत बागरोई गांव के निवासी जलिल अख्तर को 16 जून को डालखोला थाने की पुलिस टीम उनके घर से ले गई थी। परिवार का दावा है कि उन्हें बांग्लादेशी नागरिक होने के संदेह में हिरासत में लिया गया।
जलिल की बेटी कुलसुम खातून के अनुसार, परिवार ने पुलिस के सामने ऐसे दस्तावेज पेश किए, जिनसे उनके पिता के भारतीय नागरिक होने का दावा किया गया। परिवार का आरोप है कि इसके बावजूद जलिल को पहले दो होल्डिंग सेंटरों और बाद में एक सुधार गृह में रखा गया। परिवार के मुताबिक, वह 75 दिनों से अधिक समय से हिरासत में हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जलिल अख्तर को बांग्लादेशी नागरिक होने के संदेह में विदेशी अधिनियम की धारा 14 के तहत गिरफ्तार किया गया था। 22 जुलाई को पुलिस ने उन्हें उत्तर दिनाजपुर के इस्लामपुर की एक अदालत में पेश किया था।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि फिलहाल जलिल अख्तर न्यायिक हिरासत में हैं और मामला अदालत के विचाराधीन है।
समीरुल इस्लाम ने कहा कि पुलिस महानिदेशक को व्यक्तिगत रूप से मामले को देखना चाहिए और जलिल अख्तर के नागरिकता संबंधी दस्तावेजों की जांच सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि दस्तावेजों की जांच में जलिल भारतीय नागरिक पाए जाते हैं, तो उनकी सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए।
तृणमूल सांसद ने यह भी कहा कि यदि अवैध हिरासत, उत्पीड़न या मामले में गलत तरीके से कार्रवाई किए जाने के आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने परिवार को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की बात भी कही।
मामले पर भाजपा प्रवक्ता शतरूपा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने पिछली ममता बनर्जी सरकार पर घुसपैठियों को राज्य में आने देने और दस्तावेज तथा प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने का आरोप लगाया।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को गलती से हिरासत में लिया गया है, तो उसकी जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि कभी-कभी जांच पूरी करने में समय लगता है और यह प्रशासन से जुड़ा विषय है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी अवैध नागरिक को पश्चिम बंगाल में रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
फिलहाल जलिल अख्तर न्यायिक हिरासत में हैं और मामले पर अंतिम निर्णय अदालत की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

