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आईआईटी खड़गपुर में 'एआई फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी' पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ

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आईआईटी खड़गपुर में 'एआई फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी' पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ


आईआईटी खड़गपुर में 'एआई फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी' पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ


खड़गपुर, 20 जनवरी (हि. स.)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर में मंगलवार को 'एआई फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी' विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का भव्य शुभारंभ हुआ। यह कार्यशाला 'एआई इम्पैक्ट समिट 2026' के प्री-समिट कार्यक्रम के रूप में आयोजित की जा रही है। इसका आयोजन संस्थान के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभाग और कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है।

कार्यशाला का औपचारिक उद्घाटन आईआईटी खड़गपुर के निदेशक प्रो. सुमन चक्रवर्ती ने किया। अपने स्वागत भाषण में उन्होंने आधुनिक विज्ञान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की महत्ता पर प्रकाश डाला। इसके बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभाग के प्रमुख प्रो. प्लाबन कुमार भौमिक और कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख प्रो. निलय गांगुली ने आईआईटी खड़गपुर में तेजी से विस्तार कर रहे एआई इकोसिस्टम का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।

सत्र के मुख्य आकर्षण के रूप में नीति आयोग की सदस्य देबजानी घोष ने 'फ्रंटियर्स ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इट्स इम्प्लीकेशंस फॉर इंडिया' विषय पर प्लेनरी सत्र को संबोधित किया। उन्होंने भारत के विकास में तकनीक की भूमिका और भविष्य की संभावनाओं पर जोर दिया।

इस अवसर पर संस्थान के पूर्व निदेशक प्रो. पार्थ प्रतिम चक्रवर्ती ने भी अपने विचार साझा किए।

कार्यशाला के विभिन्न तकनीकी सत्रों में 'एआई फॉर एक्सीलरेटेड मैटेरियल्स डिस्कवरी' पर केंद्रित चर्चा हुई। इसमें आईआईटी दिल्ली, एचआरआई इलाहाबाद, टीसीजी क्रेस्ट, शेल, प्रेस्येंस इनसिलिको, डीआईएटी पुणे और इंडो-कोरिया साइंस एंड टेक्नोलॉजी सेंटर के शोधकर्ताओं व विशेषज्ञों ने भाग लिया।

विशेषज्ञों ने मशीन लर्निंग (एमएल) सक्षम वैज्ञानिक खोज, जेनरेटिव मैटेरियल्स डिजाइन और एआई-सिमुलेशन एकीकरण जैसे विषयों पर नवीनतम प्रगति साझा की।

यह कार्यशाला आईआईटी खड़गपुर की अंतर-विषयक शक्ति और विश्व स्तरीय एचपीसी बुनियादी ढांचे को रेखांकित करती है। संस्थान 'इंडिया एआई' और एएनआरएफ के राष्ट्रीय दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। शिक्षा जगत, उद्योग, स्टार्टअप और सरकारी हितधारकों को एक मंच पर लाकर आईआईटी खड़गपुर राष्ट्रीय विकास के लिए विश्वसनीय और डोमेन-सूचित एआई तकनीक को आकार दे रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता