नई पार्टी, डबल जीत : हुमायूं कबीर का बड़ा दांव सफल
कोलकाता, 04 मई (हि. स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में इस बार जिन नेताओं की सबसे अधिक चर्चा रही, उनमें हुमायूं कबीर का नाम प्रमुख है। तृणमूल कांग्रेस छोड़कर उन्होंने अपनी नई पार्टी ‘आमजनता उन्नयन पार्टी’ (एजेयूपी) बनाई और चुनाव मैदान में उतरे। मुर्शिदाबाद जिले की नवदा और रेजिनगर—दोनों सीटों से उन्होंने चुनाव लड़ा और दोनों ही जगह जीत दर्ज की।
नवदा सीट पर हुमायूं कबीर ने 27 हजार 943 मतों के अंतर से जीत हासिल की, जबकि रेजिनगर सीट पर उन्होंने 58 हजार 876 वोटों के बड़े अंतर से विजय प्राप्त की। उनके इस प्रदर्शन को राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
राजनीतिक सफर में हुमायूं कबीर को ‘आयाराम-गयाराम’ की संज्ञा दी जाती रही है, क्योंकि पिछले 15 वर्षों में उन्होंने कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी—तीनों दलों का साथ लिया है। इस बार उन्होंने अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश की, जो चुनाव परिणामों में सफल होती दिखी।
चुनाव की घोषणा के बाद उनकी पार्टी ने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के साथ सीट समझौता किया था। हालांकि, कुछ ही दिनों बाद एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें हुमायूं कबीर पर भाजपा के साथ गुप्त समझौते के आरोप लगाए गए। इसके बाद एआईएमआईएम ने यह गठबंधन तोड़ लिया।
वहीं, हुमायूं कबीर ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वायरल वीडियो पूरी तरह से एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से तैयार किया गया है और इसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

