home page

नाओदा में हुमायूं कबीर को झेलना पड़ा विरोध, ‘लगे चोर-चोर’ के नारे

 | 
नाओदा में हुमायूं कबीर को झेलना पड़ा विरोध, ‘लगे चोर-चोर’ के नारे


मुर्शिदाबाद, 23 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान मुर्शिदाबाद जिले के नाओदा में गुरुवार सुबह उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब आमजनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख और उम्मीदवार हुमायूं कबीर को भारी विरोध का सामना करना पड़ा।

बताया गया कि हुमायूं कबीर मतदान का जायजा लेने नाओदा थाना क्षेत्र के शिवनगर गांव स्थित 173 नंबर बूथ पर पहुंचे थे। उसी दौरान स्थानीय लोगों ने उन्हें घेर लिया और ‘गो बैक’ तथा ‘चोर-चोर’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। कुछ लोगों को ‘बीजेपी का दलाल’ जैसे नारे लगाते हुए भी देखा गया।

स्थिति तब और बिगड़ गई जब हुमायूं कबीर अपना आपा खो बैठे और प्रदर्शनकारियों की ओर बढ़ गए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई की स्थिति बन गई, जिससे माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया।

घटना की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस और केंद्रीय बलों के जवान मौके पर पहुंचे और सख्ती के साथ हालात को काबू में किया। हालांकि, घटना के बाद हुमायूं कबीर खुद सड़क पर धरने पर बैठ गए और आरोप लगाया कि यह पूरी घटना तृणमूल कांग्रेस द्वारा जानबूझकर अशांति फैलाने के लिए कराई गई है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को अंत तक लेकर जाएंगे।

इसी बीच डोमकल इलाके से भी आरोप सामने आया है कि वामपंथी समर्थकों को वोट डालने से रोका गया। इस मामले में आरोप तृणमूल कांग्रेस पर लगाए गए हैं।

चुनाव आयोग ने इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। उल्लेखनीय है कि मतदान से एक रात पहले से ही मुर्शिदाबाद के कई इलाके तनावग्रस्त रहे—कहीं तृणमूल और वाम समर्थकों के बीच झड़प हुई, तो कहीं तृणमूल उम्मीदवार को निशाना बनाकर बमबाजी की घटनाएं सामने आईं।

विपक्षी दलों ने पुलिस पर निष्क्रिय रहने का आरोप लगाया है, हालांकि जिला पुलिस प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय