फर्जी मुकदमों और वोट लूटने की साजिश का आरोप, रेजीनगर थाने के बाहर धरने पर बैठे विधायक हुमायूं कबीर
कोलकाता, 24 सितंबर (हि.स.)। आम जनता उन्नयन पार्टी के अध्यक्ष और नाओदा विधानसभा सीट से विधायक हुमायूं कबीर ने पार्टी कार्यकर्ताओं को झूठे मामलों में फंसाने और मतदाताओं को धमकाने का आरोप लगाते हुए गुरुवार सुबह से रेजीनगर थाने के सामने अचानक धरने पर बैठ गए।
सूत्रों के अनुसार, बुधवार रात रेजीनगर थाना पुलिस ने रामपाड़ा-1 ग्राम पंचायत के सदस्य और हुमायूं के करीबी माने जाने वाले सैफुल इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया था। इस गिरफ्तारी के तुरंत बाद ही विधायक ने थाने के सामने विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया। हुमायूं कबीर का दावा है कि वर्तमान में उनकी पार्टी के लगभग 15 नेता पुलिस द्वारा गढ़े गए फर्जी आरोपों के तहत जेल में बंद हैं।
धरने पर बैठे विधायक ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा के निर्देश पर रेजीनगर, शक्तिपुर और बेलडांगा थानों की पुलिस 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव में संयुक्त रूप से वोट लूटने की साजिश रच रही है। उन्होंने दावा किया कि पुलिसकर्मी घर-घर जाकर मुस्लिम परिवारों को धमका रहे हैं और उन्हें मतदान खत्म होने तक अपना घर छोड़कर जाने का दबाव बना रहे हैं।
चुनाव आयोग से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कबीर ने कहा कि उन्होंने कई बार रेजीनगर, शक्तिपुर और बेलडांगा थानों के प्रभारी अधिकारियों को तुरंत उनके पद से हटाने का अनुरोध किया है ताकि क्षेत्र में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस लोगों को खुलेआम धमकी दे रही है कि वे आम जनता उन्नयन पार्टी का समर्थन न करें।
विधायक ने स्पष्ट किया कि वह अपना धरना दोपहर तक जारी रखेंगे और शाम को फिर से धरने पर बैठेंगे। उन्होंने यह भी साफ किया कि इस विरोध प्रदर्शन में वह अपनी पार्टी के किसी भी कार्यकर्ता को शामिल नहीं कर रहे हैं ताकि पुलिस उन्हें निशाना न बनाए। कबीर ने खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार करना चाहती है या उनके खिलाफ मामला दर्ज करना चाहती है, तो वह ऐसा करने के लिए स्वतंत्र है।
गौरतलब है कि इससे पहले 12 सितंबर को भी हुमायूं कबीर ने शक्तिपुर थाने के सामने लगभग 17 घंटे लंबा धरना दिया था। उस समय भी उनका आरोप था कि पुलिस उनके समर्थकों पर अन्यायपूर्ण अत्याचार कर रही है। उस दौरान विधायक पूरी रात गोबर के ऊपर प्लास्टिक बिछाकर कुर्सी पर बैठे रहे थे। विधायक ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि वह पुलिस को उपचुनाव में वोट लूटने की अपनी योजना में किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे और जब तक उनमें ताकत है, वह इस अन्याय के खिलाफ अकेले ही अपना विरोध जारी रखेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

