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हावड़ा-हुगली क्षेत्र में कथित सरकारी विफलताओं पर भाजपा ने पेश की चार्जशीट

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हावड़ा-हुगली क्षेत्र में कथित सरकारी विफलताओं पर भाजपा ने पेश की चार्जशीट


हुगली, 23 फ़रवरी (हि. स.)। हावड़ा-हुगली क्षेत्र के अंतर्गत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पांच सांगठनिक जिलों, हावड़ा ग्रामीण, हावड़ा शहर, हुगली, श्रीरामपुर एवं आरामबाग सांगठनिक जिलों में वर्तमान राज्य सरकार की विफलताओं को लेकर भाजपा ने सोमवार शाम श्रीरामपुर सांगठनिक जिला कार्यालय में एक प्रेस कांफ्रेंस कर एक विस्तृत चार्जशीट पेश किया। यह चार्जशीट केवल लिखित आरोपों तक सीमित नहीं रही, बल्कि तस्वीरों और विजुअल डॉक्यूमेंटेशन के माध्यम से कथित भ्रष्टाचार, हिंसा, कुशासन और प्रशासनिक विफलताओं को सामने रखने का प्रयास किया गया।

भाजपा की ओर से प्रस्तुत चार पन्नों की चार्जशीट में अलग-अलग पन्नों पर घटनास्थलों, विरोध प्रदर्शनों, कथित अवैध गतिविधियों और पीड़ितों से जुड़े चित्रों को प्रमुखता से जगह दी गई है।

पार्टी नेताओं का दावा है कि ये तस्वीरें जमीनी हकीकत को उजागर करती हैं और यह दिखाती हैं कि किस तरह आम लोगों के जीवन से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज किया गया।

चार्जशीट में तस्वीरों के साथ संक्षिप्त विवरण और बिंदुवार आरोप जोड़े गए हैं, ताकि हर तस्वीर अपने आप में एक “सबूत” के रूप में सामने आए।

चार्जशीट के पहले हिस्से में भाजपा ने आरोप लगाया कि जल, सड़क, आवास और पंचायत स्तर की विभिन्न सरकारी योजनाओं में व्यापक भ्रष्टाचार हुआ है।

फोटो के माध्यम से अधूरे निर्माण कार्य, खराब गुणवत्ता की सड़कें और योजनाओं के नाम पर कथित लूट को दिखाने का प्रयास किया गया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि सरकारी धन जनता तक पहुंचने के बजाय चंद लोगों की जेब में गया।

चार्जशीट का एक बड़ा हिस्सा हिंसा और भय के माहौल पर केंद्रित है।

भाजपा का दावा है कि चुनावों और स्थानीय विवादों के दौरान राजनीतिक विरोध करने वालों पर हमले हुए। इसके समर्थन में चार्जशीट में हिंसाग्रस्त इलाकों, घायल लोगों और विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरें शामिल की गई हैं। पार्टी का आरोप है कि इन घटनाओं में प्रशासन की भूमिका सवालों के घेरे में रही।

चार्जशीट में महिलाओं, युवाओं और आम नागरिकों से जुड़े मामलों को भी फोटो के जरिए सामने रखा गया है।

भाजपा का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा, युवाओं के रोजगार और आम लोगों की बुनियादी सुविधाओं को लेकर सरकार पूरी तरह विफल रही है। तस्वीरों के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि सामाजिक असुरक्षा और बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है।

चार्जशीट में प्रशासन और पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

भाजपा नेताओं का दावा है कि कई मामलों में शिकायतें दर्ज नहीं की गईं या कार्रवाई नहीं हुई। फोटो के जरिए थानों के बाहर प्रदर्शन और पीड़ित परिवारों की तस्वीरें दिखाकर यह बताने की कोशिश की गई कि न्याय की गुहार लगाने के बावजूद लोगों को राहत नहीं मिली।

चार्जशीट के अंत में भाजपा ने सीधे तौर पर राजनीतिक संदेश देते हुए कहा है कि राज्य में “परिवर्तन जरूरी” है।

चार्जशीट के माध्यम से यह दावा किया गया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार, हिंसा और कुशासन बढ़ा है और इसका जवाब जनता लोकतांत्रिक तरीके से देगी।

भाजपा की इस चार्जशीट और आरोपों पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। हालांकि, सत्तारूढ़ दल पहले भी ऐसे आरोपों को राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताता रहा है।

बहरहाल, भाजपा के चार्जशीट पेश करने के कार्यक्रम के दौरान भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष, श्रीरामपुर सांगठनिक जिलाध्यक्ष सुमन घोष, उपाध्यक्ष राजेश सिंह सहित कई भाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय