हावड़ा में दुर्गा प्रतिमाओं पर बदमाशों का तांडव
कोलकाता , 29 अगस्त (हि.स.)।
शुक्रवार की रात हावड़ा शहर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। ठाकुर की गोला में बदमाशों ने जमकर तोड़फोड़ की और रात के अंधेरे में कई तैयार प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त कर दिया। शनिवार सुबह सड़क किनारे रखी एक के बाद एक प्रतिमाओं को टूटी-फूटी हालत में देखकर स्थानीय लोग दहशत में आ गए।
घटना मंदिरतला से कुछ दूरी पर शिवपुर के क्षेत्र बनर्जी लेन स्थित एक प्रतिमा निर्माण गोला की है। इस घटना को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है और शिवपुर थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, यह प्रतिमा निर्माण गोला प्रसिद्ध मूर्तिकार अचिंत्य भट्टाचार्य का है, जो स्थानीय इलाके में बेहतरीन प्रतिमाएं बनाने के लिए जाने जाते हैं। दुर्गापूजा में अब 50 दिनों से भी कम समय बचा है, जिसके कारण गोला में जोर-शोर से प्रतिमाएं बनाने का काम चल रहा था। इसी बीच शुक्रवार रात बदमाशों ने वहां उत्पात मचाते हुए कई तैयार प्रतिमाओं को तोड़ दिया।
सुबह ब्रिज के नीचे और सड़क किनारे रखी अधिकांश प्रतिमाएं टूटी हुई और बिखरी पड़ी मिलीं। तोड़फोड़ का शिकार हुई प्रतिमाओं में अधिकतर मां दुर्गा की प्रतिमाएं बताई जा रही हैं।
गोला में काम करने वाले एक कलाकार ने बताया कि वे शुक्रवार रात करीब 11 से साढ़े 11 बजे तक काम कर रहे थे। इसके बाद गोला बंद कर सभी लोग अपने घर चले गए। अनुमान है कि रात करीब 2 बजे यह घटना हुई। ब्रिज के नीचे सड़क किनारे रखी कुछ प्रतिमाओं को बदमाशों ने तोड़कर सड़क पर फेंक दिया। कई प्रतिमाएं बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
इस घटना में कौन या कौन लोग शामिल हैं, इसका पता लगाने के लिए शिवपुर थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपितों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
बताया जा रहा है कि इस प्रतिमा निर्माण गोला में इस तरह की घटना पहली बार नहीं हुई है। कुछ वर्ष पहले भी लगभग इसी तरह प्रतिमाओं में तोड़फोड़ की घटना सामने आई थी।
शुक्रवार रात की इस घटना से मूर्तिकार अचिंत्य भट्टाचार्य भारी परेशानी में हैं। दुर्गापूजा से पहले कई तैयार प्रतिमाओं के टूट जाने के कारण तय समय के भीतर काम पूरा कर पाना उनके लिए चुनौती बन गया है।
अचिंत्य भट्टाचार्य ने शनिवार बताया कि अधिकांश प्रतिमाओं का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका था और कुछ दिनों बाद रंगाई का काम शुरू होने वाला था। लेकिन कई पूरी तरह तैयार प्रतिमाओं को तोड़ दिया गया है। ऐसे में निर्धारित समय के भीतर काम पूरा करना मुश्किल हो सकता है और काम का दबाव काफी बढ़ जाएगा। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

