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सिलीगुड़ी में ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ योजना पर सवाल, पहली किश्त लेने के बाद भी कई लाभार्थियों ने नहीं शुरू किया घर निर्माण

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सिलीगुड़ी, 01 मई (हि.स.)। केंद्र सरकार की हाउसिंग फॉर ऑल योजना के तहत घर बनाने को लेकर सिलीगुड़ी में बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। आरोप है कि कई लाभार्थियों ने पहली किश्त का पैसा लेने के बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू ही नहीं किया।

सिलीगुड़ी नगर निगम के सूत्रों के अनुसार, 2016-17, 2018-19, 2019-20 और 2021-22 वित्तीय वर्षों में कुल 4,951 लाभार्थियों को इस योजना में शामिल किया गया था। प्रत्येक को 45 हजार से 70 हजार रुपये तक की पहली किस्त दी गई। इनमें से कई लोगों ने घर बनाना शुरू कर दूसरी और तीसरी किश्त भी प्राप्त कर ली, लेकिन लगभग 20 प्रतिशत लाभार्थियों ने पहली किस्त मिलने के बाद भी कोई निर्माण कार्य शुरू नहीं किया।

स्थिति को देखते हुए नगर निगम ने पिछले साल ऐसे लाभार्थियों के खिलाफ थाने में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई थी। इसके बाद दबाव में आकर करीब पांच प्रतिशत लोगों ने काम शुरू किया, जबकि दो प्रतिशत लोगों ने पहली किस्त की राशि वापस कर दी। बावजूद इसके, करीब 13 प्रतिशत लाभार्थी अब तक न तो घर बना रहे हैं और न ही पैसे लौटा रहे हैं।

नगर निगम के कुछ अधिकारियों का मानना है कि इन लाभार्थियों ने पहले से ही सरकारी पैसे के दुरुपयोग की योजना बनाई थी। वहीं, विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सत्तारूढ़ दल पर निशाना साध रहा है। निगम में विपक्षी नेता अमित जैन ने कहा कि जो लोग अब तक निर्माण शुरू नहीं कर पाए है, उनसे पैसे वापस लिए जाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल दिखावे के लिए कार्रवाई की जा रही है और इसका कोई ठोस परिणाम नहीं दिख रहा है।

दूसरी ओर, मेयर गौतम देव ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और चुनाव आचार संहिता हटने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल इस मुद्दे को लेकर प्रशासन की भूमिका और जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं, जबकि आम लोगों में भी इसको लेकर नाराजगी देखी जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार