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आजादी के 79 साल बाद हुगली के इस आदिवासी गांव में पहुंची बिजली, दीपावली से पहले घरों में जले बल्ब

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आजादी के 79 साल बाद हुगली के इस आदिवासी गांव में पहुंची बिजली, दीपावली से पहले घरों में जले बल्ब


हुगली, 06 नवंबर (हि. स.)। देश की आजादी के 79 साल बीतने के बाद भी हुगली जिले के एक गांव में बिजली नहीं पहुंची थी। आखिरकार दीपावली से पहले तारकेश्वर विधानसभा क्षेत्र के अस्त्रदत्तपुर गांव में पहली बार बिजली पहुंची। बिजली की रोशनी से गांव के करीब 400 आदिवासी परिवारों में खुशी का माहौल है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, कुछ साल पहले गांव में बिजली के खंभे तो लगाए गए थे, लेकिन उन पर तार नहीं खींचे गए। इस वजह से ग्रामीण अब तक बिजली की सुविधा से वंचित थे। सबसे अधिक परेशानी गांव के बच्चों और विद्यार्थियों को होती थी, जिन्हें शाम के बाद पढ़ाई करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

स्थानीय निवासी रुई बाड़ी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आजादी के बाद पहली बार उनके गांव में बिजली पहुंची है। हालांकि, उन्होंने पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार पर राजनीतिक कारणों से गांव में बिजली नहीं पहुंचाने का आरोप भी लगाया।

भाजपा विधायक संतु पान ने दावा किया कि गांव के लोग 1997-98 से भाजपा को वोट देते आ रहे हैं और इसी वजह से लंबे समय तक गांव बिजली से वंचित रहा। विधायक के अनुसार, चुनाव प्रचार के दौरान ग्रामीणों की समस्या जानने के बाद उन्होंने जीतने पर सबसे पहले बिजली पहुंचाने का वादा किया था।

संतु पान ने बताया कि करीब एक महीने पहले जिला बिजली विभाग की ओर से घर-घर मीटर लगाने का काम शुरू हुआ। बीपीएल सूची में शामिल परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिया जाएगा। अब तक 50 घरों में नए मीटर बॉक्स लगाए जा चुके हैं और सौ से अधिक परिवारों को बिजली कनेक्शन के दायरे में लाने की प्रक्रिया चल रही है।

गांव के सभी परिवार आदिवासी समुदाय से हैं और उनकी आजीविका मुख्य रूप से खेती पर निर्भर है। लंबे इंतजार के बाद गांव में बिजली पहुंचना दीपावली से पहले इन परिवारों के लिए किसी रोशनी के त्योहार से कम नहीं है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय