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हुगली में चुनावी सख्ती : 27 अप्रैल शाम छह बजे से लागू होगी निषेधाज्ञा, उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई

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हुगली में चुनावी सख्ती : 27 अप्रैल शाम छह बजे से लागू होगी निषेधाज्ञा, उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई


हुगली, 26 अप्रैल (हि. स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले हुगली जिले में प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला मजिस्ट्रेट खुर्शीद अली कादरी ने रविवार को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू करने का आदेश जारी किया है। जिले की 18 विधानसभा सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होना है, जिसे शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।

चुनाव आयोग के निर्देशानुसार, 27 अप्रैल शाम छह बजे से 48 घंटे का मौन काल लागू हो जाएगा, जो मतदान समाप्त होने तक जारी रहेगा। इस दौरान किसी भी प्रकार की चुनावी सभा, रैली, जुलूस या प्रचार गतिविधियों पर पूरी तरह रोक रहेगी। साथ ही टीवी, सिनेमा, सोशल मीडिया या अन्य किसी माध्यम से चुनाव प्रचार सामग्री का प्रसारण भी प्रतिबंधित रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने पर दो वर्ष तक की सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।

मौन काल के दौरान मोटरसाइकिल रैलियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। केवल आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारी, होम डिलीवरी कर्मी और अधिकृत अधिकारी ही इससे छूट पाएंगे। इसके अलावा, जो राजनीतिक कार्यकर्ता संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं, उन्हें प्रचार समाप्त होते ही क्षेत्र छोड़ना होगा। चुनाव के दौरान बाहरी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी पर विशेष नजर रखी जाएगी।

प्रशासन ने एग्जिट पोल के प्रकाशन या प्रसारण पर भी पूरी तरह रोक लगा दी है। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक या डिजिटल किसी भी माध्यम पर एग्जिट पोल जारी करना कानूनन अपराध माना जाएगा। इसके साथ ही 27 अप्रैल शाम छह बजे से 29 अप्रैल तक जिले में अनधिकृत व्यक्तियों और वाहनों की आवाजाही पर नियंत्रण रहेगा, हालांकि आपातकालीन सेवाओं और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति से जुड़े वाहनों को जांच के बाद अनुमति दी जाएगी।

मतदान केंद्रों के आसपास भी कड़े नियम लागू किए गए हैं। किसी भी मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में अनधिकृत व्यक्तियों की मौजूदगी प्रतिबंधित रहेगी, जबकि उम्मीदवारों के कैंप 200 मीटर के बाहर ही लगाए जा सकेंगे। मतदान केंद्र के भीतर मोबाइल फोन ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा और यह नियम मतदाताओं तथा पोलिंग एजेंट दोनों पर लागू होगा।

सुरक्षा के मद्देनजर हथियार, तेज धार वस्तुएं, पत्थर, विस्फोटक या पटाखों के सार्वजनिक उपयोग पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। केवल ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को ही अधिकृत हथियार रखने की अनुमति होगी। मतदान के दिन केवल अधिकृत व्यक्तियों—जैसे मतदाता, मतदान कर्मी, उम्मीदवार, उनके एजेंट, पर्यवेक्षक और अधिकृत मीडियाकर्मी—को ही मतदान केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर कठोर सजा का भी प्रावधान है। जिला प्रशासन ने सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों से नियमों का पालन करने की अपील की है, ताकि हुगली में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित किया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय