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मणिपुर में उग्रवादियों की गोलीबारी में हुगली के ट्रक चालक की मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

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मणिपुर में उग्रवादियों की गोलीबारी में हुगली के ट्रक चालक की मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़


हुगली, 30 मई (हि.स.)। मणिपुर में संदिग्ध उग्रवादियों की गोलीबारी में पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के त्रिबेणी निवासी एक ट्रक चालक की मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी को पहले ही खो चुके परिवार के सामने अब आजीविका, बीमार बेटे के इलाज और विवाह योग्य बेटी के भविष्य की चिंता सबसे बड़ी चुनौती बनकर खड़ी हो गई है।

मृतक की पहचान 63 वर्षीय नीतिश दास के रूप में हुई है। वह हुगली जिले के त्रिबेणी स्थित बसुदेवपुर उमा पल्ली के निवासी थे और पिछले दस वर्षों से अधिक समय से मणिपुर तथा असम में ट्रक चलाकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे।

परिजनों के अनुसार, मणिपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग-202 पर कूकी और नागा समूहों द्वारा अवरोध लगाए जाने के बाद पुलिस, बीएसएफ और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम वाहनों के काफिले को सुरक्षा प्रदान करते हुए उखरूल जिले की ओर ले जा रही थी। आरोप है कि टीएम कासोम क्षेत्र से गुजरते समय पहाड़ियों से संदिग्ध कूकी उग्रवादियों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी।

बताया गया है कि ट्रकों के काफिले में सबसे आगे नीतिश दास का वाहन था। गोलीबारी में उन्हें कई गोलियां लगीं, जिससे उनका शरीर छलनी हो गया और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।

घटना की जानकारी सबसे पहले अन्य ट्रक चालकों ने दी। नीतिश दास के भाई अंशु दास का मोबाइल नंबर ट्रक पर लिखा हुआ था। अन्य चालकों ने उसी नंबर पर फोन कर परिवार को हादसे की सूचना दी।

नीतिश दास के परिवार की स्थिति पहले से ही बेहद कठिन है। उनका बेटा नगेन दास पैनक्रियाटाइटिस जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है और लंबे समय से इलाज करा रहा है। वहीं उनकी बेटी दीपा दास विवाह योग्य है। उनकी पत्नी गीता रानी दास का वर्ष 2024 में निधन हो चुका है। पत्नी की मृत्यु के बाद नीतिश ही पूरे परिवार का एकमात्र सहारा थे।

परिवार के सदस्यों ने बताया कि लगभग छह महीने पहले वह घर आए थे और जल्द ही फिर लौटने का वादा कर गए थे। लेकिन घर लौटने की जगह उनकी मौत की खबर पहुंची। वह प्रतिदिन अपने बेटे, बेटी और भाई से फोन पर बात करते थे। घटना से एक दिन पहले भी उन्होंने अपनी बेटी से बातचीत की थी।

ट्रक चलाकर जो भी आय होती थी, वह परिवार के खर्च और बीमार बेटे के इलाज के लिए भेज देते थे। भाई अंशु दास भी हर मुश्किल घड़ी में परिवार के साथ खड़े रहे हैं और हर संभव सहायता करते रहे हैं।

इस बीच, शनिवार को स्थानीय विधायक स्वराज घोष मृतक के घर पहुंचे और शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिवार के सदस्यों को सांत्वना देते हुए हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। विधायक ने कहा कि वह प्रशासन और सरकार के स्तर पर परिवार को आवश्यक मदद दिलाने का प्रयास करेंगे।

अब नीतिश दास की मौत के बाद परिवार के सामने भविष्य को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। शोक के बीच परिवार को इस बात की चिंता सता रही है कि आगे घर कैसे चलेगा, बेटे का इलाज कैसे होगा और बेटी की शादी कैसे होगी।

परिजनों ने राज्य और केंद्र सरकार से आर्थिक सहायता और परिवार के पुनर्वास की मांग की है। मृतक का पार्थिव शरीर घर लाने के लिए परिवार के दो सदस्य पहले ही मणिपुर के लिए रवाना हो चुके हैं।

नीतिश दास की मौत ने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी है। स्थानीय लोग भी परिवार की मदद के लिए आगे आने की अपील कर रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय