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स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित आसनसोल बनाने की तैयारी, अवैध होर्डिंग- पार्किंग और प्लास्टिक पर सख्ती

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स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित आसनसोल बनाने की तैयारी, अवैध होर्डिंग- पार्किंग और प्लास्टिक पर सख्ती


पश्चिम बर्दवान, 04 जून (हि. स.)। शहरी विकास एवं स्वच्छता को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कहा कि चुनाव समाप्त हो चुके हैं, इसलिए अब चुनावी होर्डिंग और बैनरों को हटाने का अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर में किसी भी प्रकार की अवैध होर्डिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी और सार्वजनिक स्थानों का सौंदर्यीकरण प्राथमिकता होगी।

उन्होंने कहा कि पार्किंग व्यवस्था को भी पूरी तरह व्यवस्थित किया जाएगा। पार्किंग संचालकों के लिए निर्धारित यूनिफॉर्म और पहचान पत्र अनिवार्य किए जाएंगे, ताकि लोगों को यह स्पष्ट रूप से पता चल सके कि वे अधिकृत कर्मचारी हैं। प्रत्येक पार्किंग स्थल पर शुल्क दरों का स्पष्ट बोर्ड लगाया जाएगा, जिसमें प्रति घंटा या निर्धारित शुल्क का उल्लेख रहेगा। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि पार्किंग से प्राप्त राजस्व विधिवत सरकारी खाते में जमा हो।

मंत्री ने कहा कि सड़क किनारे लगाए जाने वाले विज्ञापनों और होर्डिंगों से प्राप्त राजस्व का भी पारदर्शी प्रबंधन किया जाएगा। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर राजस्व संग्रह प्रणाली को मजबूत किया जाएगा।

उन्होंने सरकारी और नगर निकायों में कार्यरत कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए बायोमेट्रिक प्रणाली लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कर्मचारी समय पर कार्यालय आएं और निर्धारित समय तक कार्य करें। इसके अलावा सफाई व्यवस्था से जुड़े स्थायी, संविदा और अस्थायी कर्मचारियों के कार्यों को भी सुव्यवस्थित किया जाएगा।

मंत्री ने बताया कि केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप शहर के अत्यधिक व्यस्त क्षेत्रों में प्रतिदिन दो बार सफाई और झाड़ू लगाने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए अतिरिक्त सफाईकर्मियों को भी लगाया जाएगा, ताकि बाजार, बस स्टैंड और अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता सुनिश्चित की जा सके। इसी को ध्यान में रखते हुए एक सितंबर से एकल उपयोग प्लास्टिक के इस्तेमाल पर जुर्माना लगाने की व्यवस्था लागू की जाएगी। बाजारों में कपड़े के थैले और अन्य वैकल्पिक साधनों को बढ़ावा दिया जाएगा।

मंत्री ने कहा कि प्लास्टिक के कारण केवल पर्यावरण ही नहीं, बल्कि पशुओं के जीवन पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है। सड़कों पर घूमने वाले पशु अक्सर प्लास्टिक खा लेते हैं, जिससे उनकी मृत्यु तक हो जाती है। इसलिए प्लास्टिक मुक्त समाज के निर्माण के लिए व्यापक जनजागरण अभियान भी चलाया जाएगा।

बैठक में सार्वजनिक शौचालयों की संख्या बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में शौचालयों की कमी है, वहां नागरिक नगर निगम में आवेदन कर सकते हैं। बाजारों, बस स्टैंडों, पर्यटन स्थलों, प्रमुख मंदिरों और पार्कों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त महिला एवं पुरुष शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। इनमें महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।

धार्मिक स्थलों पर उपयोग होने वाले फूलों के पुनर्चक्रण की योजना का भी उल्लेख किया गया। उन्होंने बताया कि मंदिरों में प्रतिदिन बड़ी मात्रा में फूलों की मालाएं उपयोग होती हैं। इन फूलों को फेंकने के बजाय उनसे अगरबत्ती और अन्य उपयोगी उत्पाद बनाने की योजना है। इस परियोजना से 15 से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार का अवसर मिलने की संभावना है।

बैठक में अन्नपूर्णा योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में 27 मई से योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई है। हार्ड कॉपी और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। ऑनलाइन पोर्टल में शुरुआती तकनीकी समस्याएं आई हैं, जिन्हें जल्द दूर कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक लगभग एक लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में आवेदनों की जांच पूरी हो चुकी है। हजारों लाभार्थियों के खातों में राशि भी भेजी जा चुकी है, जबकि कुछ मामलों में बैंक विवरण संबंधी त्रुटियों के कारण भुगतान लंबित है। उन्होंने लोगों से अपील की कि योजना को लेकर अनावश्यक भीड़ न लगाएं, क्योंकि आवेदन प्रक्रिया तीन महीने तक जारी रहेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा