home page

एचआईवी संक्रमित स्वास्थ्यकर्मी को हटाने का आरोप, स्वास्थ्य मंत्री ने कार्रवाई का दिया भरोसा

 | 
एचआईवी संक्रमित स्वास्थ्यकर्मी को हटाने का आरोप, स्वास्थ्य मंत्री ने कार्रवाई का दिया भरोसा


मेदिनीपुर, 10 अगस्त (हि.स.)। पश्चिम मेदिनीपुर जिले के घाटाल स्थित एक सरकारी अस्पताल में एचआईवी संक्रमित होने के कारण एक अस्थायी स्वास्थ्यकर्मी को काम से हटाए जाने का आरोप सामने आया है। संबंधित स्वास्थ्यकर्मी ने काम से हटाए जाने की जानकारी देते हुए न्याय की मांग को लेकर राज्य सचिवालय नवान्न और स्वास्थ्य भवन, दोनों जगह शिकायत भेजी है। शिकायत में मुख्य आरोप अस्पताल के अधीक्षक पर लगाया गया है। हालांकि, अस्पताल अधीक्षक ने आरोपों से इनकार किया है।

मामला सामने आने के बाद राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखोपाध्याय ने कहा है कि यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के साथ सामाजिक भेदभाव को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में एचआईवी संक्रमित लोगों के प्रति इस प्रकार का व्यवहार अब सामाजिक बीमारी का रूप ले चुका है। उन्होंने बताया कि इससे पहले कोलकाता के एक अस्पताल में भी एचआईवी संक्रमित एक चिकित्सक-प्रशिक्षु के साथ कथित तौर पर भेदभाव किया गया था।

मंत्री ने कहा, ‘‘कोलकाता के एक अस्पताल में एक चिकित्सक-प्रशिक्षु के एचआईवी संक्रमित होने के कारण अस्पताल के अधिकारियों ने उसे अलग-थलग कर दिया था। इससे वह चिकित्सक-प्रशिक्षु मानसिक रूप से परेशान हो गया था। जब उसने हमारे पास शिकायत की तो स्वास्थ्य भवन की ओर से तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित अस्पताल प्रबंधन को चेतावनी दी गई।’’

घाटाल के मामले में भी शिकायत की सत्यता की जांच के बाद आवश्यक कदम उठाने की बात स्वास्थ्य मंत्री ने कही है। उन्होंने कहा कि यदि लगाए गए आरोपों का आधार मिलता है तो दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने एचआईवी को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा, ‘‘एचआईवी संक्रमित किसी व्यक्ति को गले लगाने से दूसरा व्यक्ति संक्रमित नहीं होगा। किसी व्यक्ति का सामाजिक रूप से बहिष्कार करना उससे बड़ा अन्याय नहीं हो सकता। इस तरह के व्यवहार को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’’

घाटाल के सरकारी अस्पताल में कार्यरत संबंधित अस्थायी स्वास्थ्यकर्मी द्वारा नवान्न और स्वास्थ्य भवन में शिकायत किए जाने के बाद अब मामले में विभागीय स्तर पर कार्रवाई और जांच को लेकर नजर बनी हुई है। शिकायत में अस्पताल के अधीक्षक पर लगाए गए आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता