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सिलीगुड़ी के स्कूल में इतिहास प्रदर्शनी, किताबों से निकलकर जीवंत हुआ अतीत

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सिलीगुड़ी के स्कूल में इतिहास प्रदर्शनी, किताबों से निकलकर जीवंत हुआ अतीत


सिलीगुड़ी , 04 जुलाई (हि.स.)। पाठ्यपुस्तकों में सीमित रहने वाला इतिहास अब सिलीगुड़ी के तराई तारापदा आदर्श विद्यालय में जीवंत रूप में सामने आया। छात्रों को अतीत की बेहतर समझ देने और इतिहास को करीब से महसूस कराने के उद्देश्य से विद्यालय परिसर में शनिवार एक विशेष ‘इतिहास प्रदर्शनी’ का आयोजन किया गया।

इस प्रदर्शनी में कई प्राचीन और दुर्लभ वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया। विभिन्न कालखंडों के सिक्कों के साथ-साथ पुराने पोस्टकार्डों का संग्रह भी आकर्षण का केंद्र रहा। हालांकि प्रदर्शनी का सबसे खास आकर्षण महात्मा गांधी के समय का चश्मा रहा, जिसे देखने के लिए छात्रों में खास उत्साह देखा गया।

इसके अलावा कई ऐतिहासिक धरोहरों को भी सजाकर रखा गया, जिसने विद्यार्थियों की जिज्ञासा को और बढ़ा दिया। विद्यालय प्रशासन का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य छात्रों को इतिहास को सिर्फ रटने तक सीमित न रखकर उसे वास्तविक रूप में अनुभव कराने का है।

दुर्लभ ऐतिहासिक वस्तुओं को सामने से देखकर छात्र-छात्राएं काफी उत्साहित नजर आए। उनका मानना है कि इस तरह की व्यावहारिक शिक्षा इतिहास को ज्यादा रोचक और समझने में आसान बनाती है।

विद्यालय की इस अनूठी पहल की अभिभावकों ने सराहना की है। उनका कहना है कि इस तरह के आयोजन छात्रों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार