उत्तर बंगाल में मौसम का मिजाज जानने के लिए लगाए जाएंगे हाई-टेक वेदर रडार
जलपाईगुड़ी,13 मई (हि.स.)। पहाड़ से लेकर मैदानी इलाकों तक मौसम में तेजी से बदलाव के चलते उत्तर बंगाल में बिजली गिरने, बादल फटने और चक्रवात जैसी घटनाएं बढ़ रही है। इन खतरों से समय रहते चेतावनी देने के लिए अब आधुनिक वेदर फोरकास्ट रडार सिस्टम लगाए जा रहे है।
उत्तर बंगाल के दो जिलों—मालदा और जलपाईगुड़ी में शक्तिशाली रडार स्थापित किए जाएंगे।
मालदा में 250 किलोमीटर कवरेज वाला और जलपाईगुड़ी के राजबाड़ीपाड़ा स्थित फ्लड मेटियोरोलॉजी ऑफिस में 50 किलोमीटर रेंज वाला रडार लगाया जा रहा है। इसके अलावा सिक्किम में 100 किलोमीटर कवरेज वाला रडार स्थापित किया जाएगा। सिक्किम के मौसम विभाग के सेंट्रल डायरेक्टर गोपीनाथ राहा ने जलपाईगुड़ी में एक बैठक दौरान यज जानकारी दी।
मौसम विभाग के अनुसार, मालदा का रडार कूचबिहार के बड़े हिस्से के साथ गौड़ बंग क्षेत्र को कवर करेगा, जबकि जलपाईगुड़ी का रडार जिले के साथ-साथ पहाड़ी इलाकों के एक हिस्से को भी कवर करेगा। मालदा में इसके लिए जमीन अधिग्रहण और बुनियादी ढांचे का काम शुरू हो चुका है और नवंबर तक इसे पूरा करने का लक्ष्य है।
हिमालय से सटे इस क्षेत्र में प्राकृतिक आपदाओं की घटनाएं लगातार बढ़ रही है, जिससे जान-माल का नुकसान हो रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए असम, सिक्किम और उत्तर बंगाल में कई आधुनिक रडार लगाने की योजना बनाई गई है, ताकि पहले से अलर्ट देकर नुकसान को कम किया जा सके।
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर 2–3 घंटे पहले सटीक ‘नाउकास्ट’ (तत्काल पूर्वानुमान) मिल जाए, तो आपदा से बचाव में काफी मदद मिल सकती है। दो साल पहले मयनागुड़ी के वार्निश इलाके में आए टॉरनेडो में कई लोगों की मौत और भारी नुकसान हुआ था—ऐसी घटनाओं को रोकने में ये रडार अहम भूमिका निभाएंगे।
इसके साथ ही जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, कूचबिहार, उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर व मालदा में लाइटनिंग फोरकास्ट सिस्टम भी लगाया जाएगा, क्योंकि हाल के वर्षों में बिजली गिरने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और बिजली गिरने की चेतावनी के लिए ‘दामिनी’ ऐप के इस्तेमाल की सलाह दी है।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार

