ईसीएल क्वार्टरों पर अनधिकृत कब्जे के खिलाफ हाई कोर्ट का सख्त निर्णय
आसनसोल, 02 अप्रैल (हि. स.)। हाईकोर्ट ने मंगलवार को कोल इंडिया लिमिटेड की सहायक कंपनी ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (इसीएल) के पक्ष में दो महत्वपूर्ण फैसले सुनाए हैं। इन फैसलों के माध्यम से जवाबदेही, अनुशासन और सार्वजनिक संसाधनों के न्यायसंगत उपयोग के सिद्धांतों को और मजबूत किया गया है। यह निर्णय सेवानिवृत्ति के बाद कंपनी के क्वार्टरों पर अनधिकृत कब्जे के खिलाफ एक स्पष्ट और कड़ा संदेश देता है।
ईसीएल ने वर्ष 2026 के ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड बनाम यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य मामलों में दिए गए इस निर्णय का स्वागत किया है। न्यायालय का यह फैसला के 11 नवंबर 2021 के परिपत्र के अनुरूप है, जिसमें सभी सहायक कंपनियों को सेवानिवृत्ति के बाद क्वार्टर खाली कराने के निर्देश दिए गए थे।
हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि कंपनी आवास पर अनधिकृत कब्जे से उत्पन्न देनदारियां “सरकारी बकाया” की श्रेणी में आती हैं और इन्हें संबंधित कर्मचारी के सेवानिवृत्ति लाभों, विशेषकर ग्रेच्युटी से विधिसम्मत रूप से समायोजित किया जा सकता है। न्यायालय ने यह भी माना कि दंडात्मक किराया भी सरकारी बकाया के अंतर्गत आता है।
एक मामले में, जहां पोनीआटी वर्कशॉप एवं सतग्राम-श्रीपुर क्षेत्र के एक कर्मचारी ने सेवानिवृत्ति के बाद भी आवास खाली नहीं किया, ईसीएल द्वारा ग्रेच्युटी रोके जाने के निर्णय को न्यायालय ने उचित ठहराया। साथ ही, नियंत्रक प्राधिकारी (सहायक श्रमायुक्त, आसनसोल) के पास जमा 18 करोड़ 99 लाख 752 एवं 20 लाख की राशि ईसीएल को वापस करने का निर्देश दिया गया।
न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक संबंधित पूर्व कर्मचारी कंपनी आवास खाली नहीं करते, तब तक देय किराया एवं दंडात्मक किराया ग्रेच्युटी से समायोजित किया जाता रहेगा। आवास खाली करने के बाद शेष राशि (यदि कोई हो) 15 दिनों के भीतर संबंधित व्यक्ति को वापस की जाएगी।
उच्च न्यायालय ने अपनी टिप्पणी में कहा कि इस प्रकार का अनधिकृत कब्जा संस्थागत व्यवस्था को कमजोर करता है और इससे वर्तमान कर्मचारियों को आवास उपलब्ध कराने में बाधा उत्पन्न होती है। इस प्रकार के आचरण को यदि प्रोत्साहित किया गया तो इसका व्यापक नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
यह निर्णय केवल दो मामलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हजारों सेवारत कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रत्येक कंपनी क्वार्टर एक कर्मचारी और उसके परिवार के लिए आवास का प्रतिनिधित्व करता है, और सेवानिवृत्ति के बाद अनधिकृत कब्जा उन कर्मचारियों को सीधे प्रभावित करता है जो इन सुविधाओं की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

