पीएम मोदी के आपत्तिजनक पोस्टर मामले में अभिनेत्री श्रीलेखा मित्रा को हाई कोर्ट की फटकार, 24 दिसंबर तक गिरफ्तारी पर रोक
कोलकाता, 03 सितंबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आपत्तिजनक कार्टून वाले पोस्टर को प्रदर्शन के दौरान दिखाने के मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट ने गुरुवार को बंगाली अभिनेत्री श्रीलेखा मित्रा को कड़ी फटकार लगाई है। हालांकि अदालत ने उन्हें अंतरिम राहत देते हुए 24 दिसंबर तक पुलिस की किसी भी तरह की जबरन कार्रवाई, जिसमें गिरफ्तारी भी शामिल है, से संरक्षण प्रदान किया है।
मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ ने पोस्टर को ‘अशोभनीय’ बताते हुए कहा कि समाज में प्रतिष्ठित व्यक्ति की ओर से इस तरह का पोस्टर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जाना खराब रुचि को दर्शाता है। अदालत ने यह भी कहा कि इस तरह की आपत्तिजनक सामग्री को सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित या सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित नहीं किया जाना चाहिए।
अदालत ने कहा कि एक स्थापित अभिनेत्री होने के नाते श्रीलेखा मित्रा को सार्वजनिक आचरण को लेकर अधिक जिम्मेदारी दिखानी चाहिए। न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने टिप्पणी की कि इस तरह का पोस्टर लोगों की अंतरात्मा को झकझोरने वाला है और इसे सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना उचित नहीं है।
सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि इस घटना को लेकर कुल 16 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इसके बाद अदालत ने आनंदपुर थाने को निर्देश दिया कि अभिनेत्री के खिलाफ दर्ज सभी शिकायतों को एकत्र कर उनका समेकित रूप से जांच की जाए।
अदालत ने श्रीलेखा मित्रा को जांच में पूरा सहयोग करने का भी निर्देश दिया। पुलिस को पूछताछ के लिए बुलाने से कम से कम 48 घंटे पहले नोटिस देने को कहा गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि अभिनेत्री जांच में सहयोग नहीं करती हैं, तो उन्हें दी गई अंतरिम सुरक्षा वापस ली जा सकती है।
मामला जुलाई में कथित नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक के विरोध में आयोजित एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन का आयोजन कॉकरोच जनता पार्टी ने किया था। मध्य कोलकाता के कुछ हिस्सों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई थी। इसी दौरान श्रीलेखा मित्रा को प्रधानमंत्री का आपत्तिजनक कार्टून वाला पोस्टर हाथ में लिए देखा गया था।
घटना के बाद भाजपा नेता काया घोष ने आनंदपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद विधाननगर साइबर अपराध थाने समेत पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भी इसी मामले को लेकर शिकायतें दर्ज की गईं। भाजपा ने अभिनेत्री की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की थी।
मामले की अगली सुनवाई 14 दिसंबर को होगी। अदालत ने पुलिस को उस दिन जांच की प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

